–चौथी पुण्यतिथि पर दर्जनों गांवों में हुई श्रद्धांजलि सभाएं

तहलका न्यूज़,बीकानेर। गांव गांव शिक्षा की अलख जगाने वाले किसान नेता स्व.चौ.हरजीराम जाखड़ की चौथी पुण्यतिथि पर उनका स्मरण किया गया। पश्चिम राजस्थान के कद्दावर नेता रहे स्व. जाखड़ की पुण्यतिथि दर्जनों गांवों में मनाईं गई। चक 465 आरडी में धान मण्डी के सामने और वीर तेजा मंदिर, छतरगढ़ में , पूगल व खाजुवाला की जाट धर्मशालाओं में और लूणकरनसर के तेजा भवन में लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। गांव- ढाणी और गरीब के लिए स्व. जाखड़ के कार्यों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने उन्हें सच्चा नेता बताया।मुख्य कार्यक्रम छतरगढ़ के शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी स्टेडियम 507 हेड में आयोजित किया गया। जिसमें स्व. चौ. हरजी राम जाखड़ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शैक्षणिक क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। उरमूल डेयरी के चैयरमैन नोपाराम जाखड़ ने बताया कि इस कार्यक्रम में छतरगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वर्ष 2025 में सैकण्डरी व सीनियर सैकण्डरी , स्नातक व स्नातकोत्तर परीक्षा, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित खिलाड़ियों को प्रशासनिक सेवा में सफल विद्यार्थी, इंटेग्रेटेड व प्रोफेशनल कोर्स, नीट, आईआईटी, एनआइटी, सीयुईटी, जेईई और क्लैट में चयनित प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य वक्ता संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा कि हरजीराम जाखड़ ने अपने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ शिक्षा के लिए भी काम किया। उन्होंने हमेशा ही निचले तबके के लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिया। वह पूरी तरीके से स्पष्टवादी खरी बात कहने वाले थे। हरजीराम जाखड़ ने उस जमाने में शिक्षा के महत्व को समझा। उन्होंने गांव-गांव, ढाणी ढाणी जाकर शिक्षा की अलख जगाई। शिक्षा ही वह ज्योति पुंज है जो हमारे अज्ञात अंधेरे को दूर करता है। उन्होंने कहा कि सरकार आज गांव-गांव ढाणी-ढाणी स्कूल खोल रही है, स्कूलों के महत्व को समझते हुए बच्चों को पढ़ने पर जोर दे रही है, लेकिन यह आज के जमाने में पर्याप्त नहीं है। आने वाले समय को देखते हुए प्रतिस्पर्धा के इस युग में हमें बच्चों को और बेहतर तरीके से तैयार करना होगा । कम्प्यूटर के क्षेत्र में उन्हें और आगे बढ़ना होगा। हरजीराम जाखड़ का सपना तभी सार्थक होगा, जब हमारे बच्चे पढ़ लिखकर देश का नाम रोशन कर सके।मेजर जनरल विजय सिंह राठौड़ ने कहा स्व.जाखड़ का जीवन अनुशासन और जनसेवा का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने हमेशा किसान हित की बात की। उनके द्वारा दिखाए गए संघर्ष और सादगी के मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।एआईसीटीई दिल्ली के पूर्व वाइस चेयरमैन डॉ. एम.पी. पूनिया ने उन्हे बेबाक व्यक्तित्व का धनी बताया। उन्होंने कहा कि वे पशुपालकों की पीड़ा को करीब से देखने और उस पीड़ा का हिस्सा बनकर सबकी मदद करने वाले सच्चे हितैषी थे, जाखड़ हर समय इस बात पर चिंतन करते रहे कि ठेठ गांव, ढ़ाणी और खेत में जी-तोड़ मेहनत करने वालों का भला कैसे हो! जाखड़ ने सदैव सबके दुख और दर्द को अपना साझा दुख, दर्द माना। इस मौके पर चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक देवेंद्र चौधरी स्व. जाखड़ को किसान व पशुपालक हितैषी के साथ-साथ एक निडर राजनेता बताया ।छत्तरगढ़ क्रय विक्रय सहकारी समिति के चैयरमैन हरिकिशन जोशी ने कहा कि उरमूल संघ से जुड़े सभी पशुपालकों के लिए पूर्व अध्यक्ष जाखड़ सदैव तत्पर रहते थे। अपने कार्यकाल में उरमूल के हितार्थ स्वर्णिम काम किया। उरमूल डेयरी के दुग्ध उत्पादकों व कर्मचारियों के लिए उनका जीवन सदैव समर्पित रहा। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि उनके प्रयासों को कभी बुलाया नहीं जा सकता। वह 36 कौम की आवाज थे। उन्होंने कभी भेदभाव नहीं किया।कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा स्व.जाखड़ ने उरमूल डेयरी को जिस ऊँचाई पर पहुँचाया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने किसानों और पशुपालकों के हितों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
पूर्व देहात भाजपा जिलाध्यक्ष जालमसिंह भाटी ने कहा वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि किसानों की मजबूत आवाज थे। उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से उपर उठकर पिछ्ड़े वर्ग के लिए काम किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण झोरड़ ने कहा वे सामाजिक सरोकारों के प्रतीक थे।कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष नन्दराम जाखड़, सिंचाई विभाग के अभियन्ता रामसिंह शेरपुरा सरपंच ब्रह्मदेव चोटिया, महादेव वाली सरपंच मन्साराम सियाग समेत बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया।हरजीराम जाखड़ चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी स्टेडियम में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य क्षेत्रीय विद्यार्थियों और युवाओं को प्रेरणा देना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करना था। कार्यक्रम  में क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ट्रस्ट ने इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को उनके कौशल और मेहनत के प्रति प्रेरित करने का अनूठा प्रयास किया।ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्व. हरजीराम जाखड़ की स्मृति में यह पहल आगे भी जारी रहेगी, ताकि छत्तरगढ़ के युवाओं को उच्च लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस अवसर पर सरपंच गंगाराम सारण , ठाकरुराम सियाग, हीराराम मूंड, पूर्व सरपंच हरि गोदारा, ईश्वर राम सारण, बीरबल बिस्सू, रजीराम धत्तरवाल, वीरेन्द्र सिंह राठौड़, भागीरथ धत्तरवाल, पूर्व सरपंच भूराराम जाखड़, दानाराम मेघवाल, पूर्व सरपंच पूर्णाराम थालोड़, हेतराम ज्याणी, श्योपतसिंह भाटी, मास्टर पृथ्वीराज मेघवाल, पोकरराम गोदारा, तुलछाराम बुड़िया, चोरुलाल जाखड़, कालूराम राठी, आदुराम ओलानिया, दानाराम ओड, भंवरलाल शर्मा, तोलाराम मुंड, श्योपत राम जाखड़,श मंडी आरडी 465, अब्दुल रज्जाक ख़ान दामोलाई, मोहन लाल सहारण कृष्णगर, भादरराम कसनिया लालावाली , राजाराम धतरवाल तख्तपुरा ,पृथ्वीराज मेघवाल, सूरजाराम प्रजापत, ग़ुलाम सरवर राजपाल मूँड आदि ने पूर्व चैयरमैन हरजीराम जाखड़ के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।