तहलका न्यूज,बीकानेर। दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता कितनी है,इसकी बानगी उस समय देखने को मिली जब एक दिव्यांग को दो साल से भी उसका हक नहीं मिला। पीडि़त दिव्यांग ने पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई के रानीबाजार स्थित होटल पहुंचकर जब अपनी पीड़ा सुनाई तो विश्नोई ने तत्काल इसको लेकर निगम से संपर्क साधा। विश्नोई ने आयुक्त मयंक मनीष से मुलाकात कर मंगलवार को उस दिव्यांग का उसका हक दिलवाते हुए उसके डेयरी बूथ के आवंटन आदेश निकलवाएं। बताया जा रहा है कि गंगाशहर निवासी दिव्यांग प्रेमनाथ ने दो साल पहले निगम में गंगाशहर सरकारी अस्पताल के पास डेयरी बूथ के लिये आवेदन किया था। जिसको लेकर वे लगातार दो साल से निगम के चक्कर निकाल रहे थे। लेकिन निगम ने तकनीकी समस्या का हवाला देकर आंवटन प्रक्रिया को रोक रखा था। सोमवार को प्रेमनाथ परेशान होकर पूर्व पार्षद के पास पहुंचा। विश्नोई ने सोमवार को जब सोशल मीडिया के जरिये निगम प्रशासन व सरकार की दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया। तो प्रशासनिक महकमा हरकत में आया और मंगलवार को आयुक्त ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए विश्नोई से संपर्क किया। जिसके बाद विश्नोई प्रेमनाथ को लेकर निगम पहुंचे और दोपहर बाद आयुक्त ने प्रेमनाथ के बूथ आंवटन के आदेश जारी कर उसे सौंपे। इस पर विश्नोई ने आयुक्त व निगम कार्मिक प्रतीक झा का आभार जताया।