तहलका न्यूज,बीकानेर। लंबे समय से पीबीएम अस्पताल के मर्दाना विभाग के सामने बंद पड़े मुख्य गेट को भाजयुमो नेताओं ने युवा नेता भगवान सिंह मेड़तिया की अगुवाई में खोल दिया। इसके लिये पुलिस की मौजूदगी में उन्हें बंद गेट के ताले पर हथौड़ा चलाना पड़ा। हमारा पीबीएम हमारा अभियान के अन्तर्गत भाजयुमो ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए गेट के ताले खोले। नेताओं का आरोप था कि पिछले कई वर्षों से बिना किसी ठोस कारण के बंद रखा गया था। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल में प्रवेश के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। विशेषकर गंभीर रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बार बार निवेदन के बाद भी अस्पताल प्रशासन इसे नहीं खोल रहा था। जिसके बाद यह कदम उठाना पड़ा।

6 दिसम्बर को सौंपा था अधीक्षक को ज्ञापन
भाजयुमो शहर अध्यक्ष वेद व्यास ने बताया कि 6 दिसंबर को अस्पताल प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गेट खोलने की मांग की गई थी,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 जनवरी को दोबारा विरोध प्रदर्शन किया लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया।प्रशासन की अनदेखी से मजबूर होकर कार्यकर्ताओं को स्वयं ये बीड़ा उठाया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गेट को स्थायी रूप से खुला रखने की मांग की।इस मौके पर जितेन्द्र सिंह भाटी,देहात अध्यक्ष जसराज सींवर,विक्रम सिंह राजपुरोहित,भव्य दत्त भाटी सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

डिवाइडर है अगला मिशन
व्यास ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में दिए गये ज्ञापन में अस्पताल के सामने बने डिवाइडर में कट नहीं होने की बात भी कही थी। किन्तु पीडब्लूडी के अभियंताओं की आड़ में बहाना बनाकर इस कार्य को भी नहीं रोका गया। अब इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में डिवाइडर को जेसीबी से तोडऩे का काम किया जाएगा।

पहले किया अस्पताल प्रशासन ने प्रयास
भाजयुमो नेताओं के हथौड़ा चलाने से पहले अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ गौरीशंकर जोशी की अगुवाई में एक दल मौके पर पहुंचा और चांबी के जरिये इसको खोलने का प्रयास किया। परन्तु न तो उन्हें और न ही पुलिस प्रशासन को इसमें सफलता मिली। तब उकताएं भाजपाईयों ने ताला तोडऩे की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान उनकी यहां खड़े सुरक्षा अधिकारी से भी बहस हुई।