

तहलका न्यूज,बीकानेर।दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंसा के गंभीर प्रकरण में विदेश में रह रहे अभियुक्त महादेव सोलंकी के खिलाफ अब कानून ने सख़्त रुख अपनाया है।भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन द्वारा महादेव सोलंकी के विरुद्ध रेगुलर लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है।यह अहम कार्रवाई पीड़िता शालू की ओर से एडवोकेट सुनीता दीक्षित द्वारा की गई निरंतर,तथ्यपरक और प्रभावी पैरवी का प्रत्यक्ष परिणाम मानी जा रही है।जारी आदेश के अनुसार यह LOC तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक सक्षम न्यायालय या संबंधित एजेंसी द्वारा इसे हटाने का आदेश नहीं दिया जाता। LOC लागू होने के बाद यदि अभियुक्त महादेव सोलंकी विदेश से भारत के किसी भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरता है,तो उसे तुरंत रोका जाएगा,उसकी इमिग्रेशन क्लियरेंस नहीं होगी और राजस्थान पुलिस व संबंधित जांच एजेंसी को तत्काल सूचना दी जाएगी।इसके पश्चात आगे की गिरफ्तारी एवं न्यायिक कार्यवाही की जाएगी। LOC का उद्देश्य आरोपी को देश से बाहर निकलने अथवा कानून से बचने से रोकना होता है।गौरतलब है कि इस मामले में केवल पति ही नहीं,बल्कि अभियुक्त महादेव सोलंकी के माता-पिता को भी पुलिस जांच में सह-अभियुक्त मानते हुए चार्जशीट में शामिल किया गया है,जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूरे मामले में परिवार की सामूहिक भूमिका को जांच एजेंसी ने गंभीरता से लिया है।इसके साथ ही,परिवार न्यायालय में भी एडवोकेट सुनीता दीक्षित,एडवोकेट विजय दीक्षित एवं सहयोगी एडवोकेट भावना नवल की सशक्त पैरवी के चलते पीड़िता शालू के पक्ष में 30,000 प्रतिमाह भरण-पोषण का आदेश पहले ही पारित हो चुका है।भरण-पोषण प्रकरण में भी अभियुक्त की लगातार अनुपस्थिति और आदेशों की अवहेलना के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है।
