तहलका न्यूज,बीकानेर। खेजड़ी बचाओ आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई की रानीबाजार स्थित होटल को सीज करने का नोटिस जारी करने के विरोध में लिलिपोंड से बीडीए तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान जिला कलक्टर और बीडीए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सचिव के कक्ष के आगे धरने पर बैठ गये।बाद में सचिव ने विश्नोई को वार्ता के लिये बुलाया।विश्नोई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बीडीए प्रशासन द्वेषपूर्ण तरीके से कार्रवाई कर रहा है।बीकानेर विकास प्राधिकरण की ओर से बैक डेट में नोटिस जारी किया है।यह नोटिस सोमवार 9 तारीख को जारी हुआ था जो,मंगलवार रात 8:00 बजे के बाद बिश्नोई को सौंपा गया है।जो प्रशासन की हठधर्मिता को दर्शाता है।अगर प्रशासन ने जबरन होटल सीज की कार्रवाई की तो वे अपने परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठकर अन्न जल को त्याग देंगे।जिसमें उनके परिवार की महिलाएं व बच्चे भी शामिल होंगे।इस पर बीडीए सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी होटल सीज नहीं की जाएगी। विश्नोई का आरोप है कि बीकानेर बंद करवाने ओर जयपुर बंद करवाने की घोषणा की थी।जिसके बाद से सरकार के दबाव में जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मानसिक प्रताडऩा देने के लिये अवैध रूप से होटल सीज की कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया है। इतना ही नहीं विश्नोई समय समय पर बीडीए व प्रशासन की नाकामी को भी सोशल मीडिया के जरिये उठाते आएं है। जिसको लेकर बीडीए इस प्रकार की कार्रवाई कर रहा है।वार्ता के दौरान पर्यावरण संघर्ष समिति के परसाराम विश्नोई,महेन्द्र सिंह,रामगोपाल विश्नोई सहित बड़ी स ंख्या में लोग मौजूद रहे।

बार एसोसिएशन ने भी सौंपा ज्ञापन
पूर्व पार्षद व अधिवक्ता मनोज विश्नोई की होटल सीज के नोटिस पर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। जिसको लेकर एक शिष्टमंडल अध्यक्ष अजय पुरोहित की अगुवाई में आयुक्त अपर्णा गुप्ता से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मनोज विश्नोई की होटल सीज की कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि अगर विश्नोई की होटल सीज की कार्रवाई हुई तो अधिवक्ता आन्दोलन को उतारू होंगे। अधिवक्ताओं ने खेजड़ी आन्दोलनकारियों पर द्वेषतापूर्ण कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताया।