

तहलका न्यूज,बीकानेर।जिले में आपसी विवाद के चलते कुल्हाड़ी और लाठियों से किए गए हमले में एक युवक की मौत के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है।अपर सेशन न्यायाधीश संख्या पांच अनुभव सिडाना की अदालत ने तीन आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। यह फैसला 13 मई 2021 को हुई वारदात और लंबी सुनवाई के बाद आया है।अपर सेशन न्यायालय संख्या पांच का फैसला बीकानेर स्थित अपर सेशन न्यायालय संख्या पांच के पीठासीन अधिकारी अनुभव सिडाना ने सेशन प्रकरण में रामेश्वरलाल, जगदीश और मांगीलाल को दोषसिद्ध माना।अदालत ने तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 वैकल्पिक 302/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई।वारदात प्रकरण के अनुसार 13 मई 2021 को सुबह करीब 11.30 बजे गीगासर से केसरदेसर जाने वाले कच्चे रास्ते पर खेत के पास लालूराम पर हमला किया गया।परिरवादी ओमप्रकाश ने पुलिस थाना देशनोक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रामेश्वरलाल और जगदीश ने कुल्हाड़ी से जबकि मांगीलाल ने लाठी से उसके पिता लालूराम पर हमला किया।हमले में गंभीर रूप से घायल लालूराम को इलाज के लिए पीबीएम हॉस्पिटल ले जाया गया,जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद मामला हत्या में दर्ज किया गया। पुलिस थाना देशनोक ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। रामेश्वरलाल के खिलाफ 12 अगस्त 2021 को और जगदीश व मांगीलाल के खिलाफ 22 दिसंबर 2021 को आरोप पत्र पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह न्यायालय में पेश किए गए।सबूतों के आधार पर फैसला मामले में घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी,मृतक के कपड़े और अन्य सामग्री जब्त की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अदालत के सामने रखी गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने माना कि अभियुक्तों ने सामान्य आशय से मिलकर लालूराम की मारपीट कर हत्या की।अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य की ओर से लोक अपर अभियोजक शिवशंकर स्वामी ने पैरवी की, जबकि परिवादी की ओर से रामरतन गोदारा ने अदालत में पक्ष रखा।
