तहलका न्यूज,बीकानेर। मटमैला व गंदले पानी की आपूर्ति से शहर बीमारियों के खौंफ से दहशत में है। इस तरह के पानी की आपूर्ति पिछले कई दिनों से लगातार हो रही है।जिसके कारण अस्पतालों में भी पेट में संक्रमण से संबंधित रोगियों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है।मंजर यह है कि उल्टी दस्त से आमजन परेशान है।हालांकि दो से तीन दिन में पानी का मटमैलापन आंशिक रूप से हटा है,लेकिन पूरी तरह से नहीं। इसके साथ ही कुछ जगहों पर तो केवल गंदा पानी की नहीं, बल्कि दुर्गन्धयुक्त जलापूर्ति होने के मामले भी सामने आए हैं।इस संबंध में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से हुई बातचीत तो उन्होंने भी गंदा पानी आना स्वीकारा।इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों ने हल्का मटमैला पानी आने की बात तो स्वीकारी,लेकिन दुर्गन्धयुक्त जलापूर्ति होने को सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि जलापूर्ति में निर्धारित मापदंडों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।शहर में गंदे पानी की दहशत लोगों के सर चढकऱ बोलने लगी है।स्थिति यह है कि शहर के डागा चौक,चौतीना कुआं,व्यास कॉलोनी,मुरलीधर कॉलोनी,पुरानी गिनानी,बंगला नगर सहित शहर के लगभग 50 प्रतिशत एरिया में मटमैला व गंदा पानी आ रहा है। शहरवासियों की माने तो पानी दो-तीन दिनों में हल्का साफ हुआ है,लेकिन अभी भी वह पानी भरते हैं तो वह गंदा ही रहता है।इसके बाद जलदाय विभाग के अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि वह पिछले पंद्रह से बीस दिनों के अंतराल में खुद ही चार दर्जन से ज्यादा पानी के नमूनों को कई जगहों से लेकर जांच करा चुके हैं।इन नमूनों में अब तक दूषित जलापूर्ति व बदबूदार पानी आने के तथ्य सामने नहीं आए हैं।
इसलिए आ रहा है गंदा पानी,साफ हो जाएगा
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि बरसात की वजह से हुई टरबिटी पूरी तरह से हट नहीं पाई है। अब तो औसत से भी कम होकर रह गई है। हालांकि पिछले पंद्रह दिनों में पानी की स्थिति थोड़ी बहुत जरूर खराब थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इसका कारण बरसात के चलते टरबिटी का होना। यह भी जल्द ही सुव्यवस्थित हो जाएगा। इसके पश्चात पानी पूरी तरह से साफ आने लगेगा। अधिकारियों का कहना है कि कई जगह सीवरेज से पानी गन्दा आने की शिकायत मिली है।
जनता कहिन..
कई दिनों से दुर्गन्धयुक्त गंदा व बदबूदार पानी नलों से आ रहा है। कई बार पानी इतना गंदा रहता है कि बर्तन तक खराब हो जाते हैं। ऐसे में इसको कैसे पिया जा सकता है। मजबूरी में टेंकर का सहारा लेना पड़ जाता है।
विष्णु बिस्सा, बी के स्कूल के पास
ऐसा है कि नलों से आने वाला पानी आप खुद बोतल में भरकर देख लीजिये कि कितना साफ पानी आ रहा है। गंदे व मटमैला पानी आपूर्ति क रने के एवज में जलदाय के अधिकारियों के खिलाफ ही कार्रवाई करनी चाहिए। तभी यह सुधरेंगे।
आनंद सिंह चौतीना कुआं
गंदा पानी केवल दो या चार दिनों से ही नहीं, बल्कि कई दिनों से आ रहा है। समझ में नहीं आता है कि गंदा पानी पिला रहे यह अधिकारी आखिर करते क्या हैं। इसकी शिकायत भी स्थानीय लोगों की ओर से की गई है, लेकिन सुनवाई ही नहीं होती।
मो इरफान,बंगलानगर
