तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर व देहात कांग्रेस सेवादल की मासिक संयुक्त बैठक रखी गई। श्वेत सैनिकों ने ध्वज वंदन एवं राष्ट्रीय गीत के साथ बैठक का शुभारम्भ किया। सर्वप्रथम संगठन के वरिष्ठ नेता स्व.नृसिंह दास व्यास को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार रखे गए।इस अवसर पर बीकानेर शहर कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अनिल व्यास ने कहा कि व्यास के निधन से संगठन को भारी क्षति हुई है।राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सेवादल के नवनियुक्त राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी.श्रीनिवास को बधाई देकर अभिनंदन किया गया।उनके नेतृत्व में शानदार कार्यकाल की कामना की गई।इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला ने पीबीएम अस्पताल में व्याप्त चिकित्सा संबंधी एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के विरूद्ध हो रहे आन्दोलन को गैर राजनीतिक आंदोलन बताया।कल्ला ने कहा कि यह अस्पताल जनता के लिए संजीवनी स्थल था।जिसे जिम्मेवार लोगों ने अपनी अकर्मण्यता एवं संकीर्ण मानसिकता से बर्बाद कर दिया है। जिसका नुकसान जनता अपने प्रियजनों को खोकर चुकाना पड़ रहा है।आन्दोलन का उद्देश्य बीकानेर की जनता के हितों की रक्षा करना है।संगठन के उपमहासचिव जगदीश सिहाग ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया।जिसमें कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए एवं रिक्त पदों पर भर्ती तुरंत प्रभाव से की जाए। प्रत्येक पदाधिकारी द्वारा ध्वज वंदन कार्यक्रम की सुनिश्चितता की जाए।पीबीएम सुधार के लिए चल रहे आंदोलन जन भागीदारी के उद्देश्य से एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। साथ ही इस आंदोलन में मीडिया,सोशल मीडिया एवं व्यक्तिगत प्रयासों की सुनिश्चितता इत्यादि।इस अवसर पर शहर अध्यक्ष ने जुलाई माह में शहर महिला अध्यक्ष का शपथ ग्रहण करवाया जाएगा।देहात कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रामनिवास गोदारा ने बताया की देहात महिला कार्यकारिणी का विस्तार जुलाई माह तक पूर्ण कर दिया जाएगा।जिला प्रभारी सुखदेव नाथ ने बताया विजय कवि अकासर को ध्वज वंदन प्रभारी देहात व शहर के लिए नियुक्त किया गया है।प्रदेश सचिव सुखदेव नाथ ने बताया कि अज़ाज पठान को पीबीएम सुधार आंदोलन के सफल संयोजन के लिए कन्ट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया। ध्यान रहे शहर व देहात के श्वेत सैनिकों के माध्यम से जनता की भागीदारी सुनिश्चित करेगा।कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए जावेद कादरी,अनिल तंवर,मो. असलम,श्याम सुन्दर गौड़,हंसराज बिश्नोई,मनोज कल्ला उपस्थित रहे। महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी हो जिसका जिम्मा निर्मला चांवरिया और सुमन बारासर को सौंपा गया।