तहलका न्यूज,बीकानेर।आमतौर पर पीबीएम कार्मिकों की कार्यप्रणाली,अस्पताल में आएं दिन हो रही अनियमितताओं की घटनाएं तथा चिकित्सक व परिजन के बीच आएं दिन विवादों के बीच अब पीबीएम प्रशासन की ओर से बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।इस ग्रुप में पोस्टर व विडियो के जरिये न केवल स्टाफकर्मियों को आगाह किया जा रहा है बल्कि नर्सिगकर्मियों,ठेकेदारों और अधिकारियों को भी सतर्क व सावधान रहने की अपील की जा रही है।पीबीएम सेवार्थ समिति के नाम से बने इस व्हाट्सएप ग्रुप में अगर गुरिंदर नामक शख्स(बदला हुआ नाम) द्वारा पैसों की मांग,धर्म के नाम पर पैसों की मांग,गायों के लिये पानी की व्यवस्था के नाम पर रूपयों की मांग तथा अन्य तरीकों से रूपयों की मांग करने पर बचने की बात कही जा रही है।ऐसा करने की स्थिति में स्क्रीन शॉट समिति को भेजने,उसके नंबर ब्लॉक करने तथा गुरिंदर को किसी प्रकार से पैसों को नहीं देने की हिदायत भी दी जा रही है।पोस्टर में स्पष्ट बताया गया है कि यह एक तरह का दलाल और ब्लैकमेलर है।

 ग्रुप में जारी किये जा रहे है विडियो
मजे की बात तो यह है कि समाजसेवा के नाम पर गुरिंदर नाम यह शख्स किस तरह चिकित्सकों से ब्लैकमेलिंग करता है।उसका तरीका भी विडियो के माध्यम से अस्पताल के स्टाफ,चिकित्सकगणों व अस्पताल में ठेके के जरिये काम कर रही एजेन्सियों के कार्मिकों व संचालकों को उसको बेनकाब किया जा रहा है।ऐसे में इस प्रकार के विडियो व पोस्टर ने पीबीएम में समाजसेवा के नाम पर लूटखसोट करने वालों से बचने की सलाह दी जा रही है।पीबीएम के इस व्हाट्सएप ग्रुप की चर्चा अब आम आवाम तक होने लगी है और गुरिंदर नाम के शख्स की इन हरकतों का इशारा किस ओर किया जा रहा है। उसकी परतें भी अब खुलने लगी है।

कुछ कार्मिकों की हरकतें भी आई विवादों में
जब तहलका न्यूज ने ऐसे लोगों की खोज खबर की तो पीबीएम में कार्यरत कुछ कार्मिकों की हरकतें भी विवादों में नजर आई।पता चला है कि ये कार्मिक अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते है।जिसकी बानगी पिछले दिनों हुए एक मारपीट के मामले में देखने को मिली।इस मारपीट में घायल हुए युवक को ट्रोमा से छुट्टी क्यों नहीं मिली,उसको क्या ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।उसे वार्ड में ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं जैसी बातें सामने आई है। मंजर यह है कि यह कार्मिक अधीक्षक कार्यालय के नाम पर अन्य स्टाफकर्मियों को दिशा निर्देश देता नजर आया।फिलहाल यह मामला अधीक्षक तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और प्रशासन ऐसे कार्मिकों की नजर बनाएं हुए है और इसकी रिपोर्ट तैयार करने में लग है।