तहलका न्यूज,बीकानेर।अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं ग्रामीण उत्थान मानव संस्था के संस्थापक वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर लाल बिश्नोई ने शुक्रवार को अपना 49वां जन्मदिन भारतीय संस्कृति और सेवा भाव के साथ मनाया।जन्मदिन पर केक काटने के बजाय उन्होंने गौसेवा,हवन,वृद्धजनों को भोजन,पौधरोपण तथा सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सेवा और संस्कार का संदेश दिया। इस अवसर पर बीकानेर के साथ नागौर,श्रीगंगानगर,टोंक,हनुमानगढ़,जालौर,सिरोही,दंतोर और भीलवाड़ा सहित राज्यभर में समर्थकों ने कार्यक्रम आयोजित हुए।दिन की शुरुआत उन्होंने अपने निवास पर पूजा-अर्चना से की।इसके बाद पूगल फाटक स्थित गंगा जुबली पिंजरा पोल गौशाला में गौमाता की पूजा कर गौसेवा की।करणी इंडस्ट्री क्षेत्र स्थित बीकाजी चिल्ड्रन एकेडमी में स्कूली बच्चों के बीच पहुंचकर ट्रॉफियां वितरित की।विद्यालय परिवार ने उनका उपहार से सम्मान कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।इसके बाद अपना परिवार सेवा सदन मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में हवन हुआ।यहां निराश्रित एवं वृद्धजनों को विशेष सात्विक भोजन कराया गया।समाजसेवी इंदु वर्मा और पुरुषोत्तम,श्री कुम्हार महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष रामलाल के आतिथ्य में परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।शाम को दंतोर स्थित वृद्धाश्रम में भी भोजन सेवा का आयोजन किया गया।

सिरोही में नेत्र जांच शिविर,थाने में हुआ पौधरोपण

सिरोही जिले के कालंद्री स्थित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र और एसबीआई फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान से ग्राम पंचायत स्तर पर निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगाया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने जांच कराई। वहीं कालंद्री पुलिस थाना परिसर में एएसआई खीम सिंह के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया तथा नशा मुक्ति केंद्र में फल वितरित किए गए।

श्रीगंगानगर में कई स्थानों पर लगाए पौधे

रामेश्वर लाल बिश्नोई के जन्मदिवस पर श्रीगंगानगर जिले के हाकमाबाद,लाधूवाला,4 एलएल,5 एमएल,होमलैंड सेकंड,घड़साना,रिद्धि-सिद्धि और 77 आरबी (रायसिंहनगर) सहित विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कार्यक्रम हुए। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

‘जन्मदिन सेवा का अवसर है’

रामेश्वर लाल बिश्नोई ने कहा कि जन्मदिन भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि पहले वे भी केक काटकर जन्मदिन मनाते थे,लेकिन बाद में महसूस हुआ कि जीवन का एक और वर्ष ईश्वर की कृपा से सेवा के लिए मिला है।इसलिए जन्मदिन पर गौसेवा,माता-पिता का सम्मान,वृद्धजनों की सहायता,पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सेवा जैसे कार्य करना अधिक सार्थक है।उन्होंने लोगों से पाश्चात्य संस्कृति के बजाय भारतीय परंपराओं को अपनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुकेश चौधरी,हड़मत सिंह,पूनम चौधरी,सुमन,मालती,धीरज,संतोष,सुभाष,भंवरलाल नायक,झूमर,ललित,प्रहलाद समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।