तहलका न्यूज,बीकानेर।मानव सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय बीकाणा ब्लड सेवा समिति के प्रयासों से चार जरूरतमंद मरीजों को समय पर एसडीपी एवं ब्लड उपलब्ध कराकर उनकी उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग किया गया। समिति ने चारों नियमित एसडीपी एवं रक्तदान रक्तदाताओं की सेवा भावना को नमन करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।समिति के अनुसार पी.बी.एम.अस्पताल में भर्ती भजनलाल,कमला देवी,मगन कवंर और रुक्मिणी देवी जो कि सभी कैंसर रोग से ग्रस्त मरीजों को चार तत्काल O पॉजिटिव,A नेगेटिव,B पाँजिटिव एसडीपी एवं एक युनिट ब्लड की आवश्यकता थी।सूचना मिलते ही समिति के नियमित एसडीपी रक्तदाता राज चौपड़ा O+,महेश सोनी A-,एवं दीपक शर्मा B+बिना किसी विलंब के पी.बी.एम.ब्लड सेंटर पहुंचे और एसडीपी रक्तदान कर मरीज की सहायता की।इसी प्रकार पी.बी.एम.अस्पताल में भर्ती एक कैंसर मरीज को एक युनिट ब्लड आपातकालीन जरूरत पड़ने पर अनिकेत घोष,सिविल इंजीनियर तत्काल ब्लड बैंक पहुँच कर रक्तदान किया।समय पर उपलब्ध कराए गए इस रक्तदान से मरीज के जीवन रक्षार्थ उपचार में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।बीकाणा ब्लड सेवा समिति ने चारों रक्तवीरों के इस मानवीय एवं निस्वार्थ कार्य के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद मरीजों के लिए आगे आकर रक्तदान करना सबसे बड़ी मानव सेवा है। समिति ने कहा कि राज चौपड़ा,महेश सोनी,समिति के अध्यक्ष दीपक शर्मा एवं अनिकेत घोष के समर्पण और मानवता के प्रति उनकी संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायी है तथा ऐसे रक्तदाता ही मानवता की सच्ची मिसाल हैं।समिति के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि व्यास पारीक ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं,बल्कि किसी के जीवन को बचाने का सर्वोच्च माध्यम है।उन्होंने बताया कि एसडीपी (Single Donor Platelets) रक्तदान की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें अत्याधुनिक एफेरेसिस मशीन की सहायता से रक्तदाता के रक्त से केवल प्लेटलेट्स अलग किए जाते हैं,जबकि शेष रक्त घटकों को वापस उसी रक्तदाता के शरीर में लौटा दिया जाता है।यह प्रक्रिया विशेष रूप से डेंगू,ब्लड कैंसर,ल्यूकेमिया तथा अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के उपचार में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।उन्होंने कहा कि एसडीपी रक्तदाताओं की संख्या अभी भी सीमित है,जबकि गंभीर मरीजों के उपचार में इसकी आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में अधिक से अधिक स्वस्थ एवं पात्र लोगों को नियमित एसडीपी डोनर बनकर इस सेवा अभियान से जुड़ना चाहिए,ताकि किसी भी मरीज को समय पर प्लेटलेट्स के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।समिति की ओर से जय शंकर शर्मा ने चारों रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि समाज में ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व मानवता की मिसाल हैं।उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए बिना किसी स्वार्थ के आगे आकर रक्तदान करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और ऐसे रक्तवीरों का सेवा भाव सदैव अनुकरणीय रहेगा।समिति ने बताया कि इस सेवा कार्य में शहर अध्यक्ष दीपक सारस्वत,उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह (गज्जू बन्ना),मीडिया प्रभारी कपिल दुबे,संदीप शर्मा तथा संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि व्यास पारीक का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।समिति के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता 24 घंटे जरूरतमंद मरीजों को रक्त एवं एसडीपी उपलब्ध कराने के लिए निरंतर सक्रिय रहते हैं।समिति ने आमजन से भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने और नियमित रक्तदाता बनने की अपील करते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है।संस्था ने चारों रक्तवीरों के उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायु एवं निरंतर समाजसेवा की मंगलकामनाएं करते हुए उनके इस प्रेरणादायी योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

