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तहलका न्यूज,बीकानेर।विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआईएक्ट की न्यायाधिपति भारती पाराशर ने चैक अनादरण का एक फैसला सुनाते हुए अभियुक्त जस्सूसर गेट बाहर निवासी सत्यनारायण को दोषी मानते हुए दो वर्ष का साधारण कारावास की सजा सुनाई है।साथ ही चार लाख पचास हजार अर्थदंड से दंडित किया है। अदम आदयगी अर्थदंड के रूप में पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।परिवादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता चन्द्रशेखर हर्ष व योगेश पारीक ने की।जबकि अभियुक्त की ओर से पैरवी जयदीप शर्मा ने की। परिवादी शिवा बस्ती गंगाशहर निवासी जेठमल गहलोत ने सत्यनारायण के खिलाफ 29 नवम्बर 2016 को परिवाद पेश करते हुए बताया कि परिवादी व अभियुक्त मित्र वत संबंध होने के कारण सत्यनारायण ने जेठमल को एक प्लॉट विक्रय कर ढाई लाख रूपये प्राप्त किये।तत्पश्चात अभियुक्त ने उस प्लॉट को किसी अन्य को विक्रय कर दिया।जिस पर परिवादी जेठमल ने सत्यनारायण से बात की तो उसने ढाई लाख रूपये वापस लौटाने के लिये जेठमल को सवा लाख रूपये के दो चैक आईसीआईसीआई बैंक कोटगेट शाखा के दे दिए।लेकिन जब जेठमल ने उसे अपने खाते में लगाया तो अपर्याप्त राशि के अभाव में चैक अनादरण हो गये।