तहलका न्यूज,बीकानेर।राजकार्य में बाधा और सरकारी कर्मचारी से मारपीट के करीब दस साल पुराने मामले में न्यायालय अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट (पीसीपीएनडीटी मामलात) की पीठासीन अधिकारी यासमीन खान ने आरोपी लक्ष्मण हर्ष को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। 13 अगस्त को दिए निर्णय से आरोपी को प्रकरण में राहत मिली।

2016 में दर्ज हुआ था मामला
प्रकरण के अनुसार 22 मार्च 2016 को जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कनिष्ठ अभियंता मोहित भारती की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर संख्या 50/2016 धारा 332, 353 व 34 आईपीसी में दर्ज हुई थी। अनुसंधान के बाद 31 मई 2016 को लक्ष्मण हर्ष के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।

सात गवाहों के बावजूद आरोप साबित नहीं
अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए सात गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए,लेकिन आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके।न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी नहीं पाया।

बचाव पक्ष ने उठाई साक्ष्यों की कमियां
आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल लाल हर्ष और अधिवक्ता निमिषा शर्मा ने पैरवी की।बचाव पक्ष ने अभियोजन के मामले में रही कमियों और उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा।इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।