तहलका न्यूज,बीकानेर।बीकानेर में बाल विवाह के खिलाफ जमीनी अभियान चला रहे NGO राजस्थान महिला कल्याण मंडल ने संयुक्त राष्ट्र के 27 नवंबर को ‘बाल विवाह,कम उम्र और जबरन विवाह की समाप्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित करने के ऐतिहासिक कदम का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि यह सरकार व प्रशासन के सहयोग से देश में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के अथक और असाधारण प्रयासों को वैश्विक मान्यता है।संगठन राजस्थान महिला कल्याण मंडल जेआरसी का एक सहयोगी संगठन है।राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,पाबूबरी में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।विद्यालय के सभी शिक्षकों को प्रधानाचार्य सबनम खातून व संस्था के सभी सदस्यों ने माला पहनाकर व मिठाई खिलाकर बधाई दी।इस मौके पर शाला परिवार के सभी स्टाफ व राजस्थान महिला कल्याण मंडल से पिंकी जनागल व बाबूलाल मौजूद रहे।बच्चों को टॉफी बांटी गई और शिक्षकों द्वारा बाल विवाह रोकथाम में योगदान हेतु संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।शिक्षक दिवस पर हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के जिला समन्वयक अमित कुमार ने कहा कि भारत से उठी आवाज आज पूरी दुनिया का संकल्प बन गई है।उन्हें खुशी है कि आज उनके प्रयासों को वैश्विक मान्यता मिली है।साथ ही यह पूरे भारत के लिए भी गर्व का विषय है,क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक दिवस के लिए 27 नवंबर की तारीख चुनी।2024 में इसी दिन भारत सरकार ने जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन जैसे नागरिक समाज संगठनों को साथ लेकर ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी।उन्होंने कहा,”लेकिन यह जश्न मनाकर रुक जाने का क्षण नहीं है।संयुक्त राष्ट्र की घोषणा ने हमें गौरव दिया है।अब हमारी जिम्मेदारी है कि दुनिया के हर बच्चे को बाल विवाह मुक्त बचपन भी मिले।जब तक जिले के किसी गांव का एक भी बच्चा बाल विवाह के डर में जी रहा है,तब तक हमारी लड़ाई अधूरी है।”उन्होंने आगे कहा,“बीकानेर में हमने सरकार व प्रशासन के साथ मिलकर आमजन को बाल विवाह रोकने हेतु जागरूक किया है।हम जानते हैं कि सिर्फ कानून से ही बाल विवाह की पूरी तरह रोकथाम संभव नहीं होगी। इसलिए हमने बड़े पैमाने पर स्कूलों,पंचायतों,गांवों में जागरूकता अभियान चलाया है।लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है।साथ ही बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का दोबारा स्कूलों में दाखिला कराया है।जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह के खात्मे के लिए एक अलग अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की पहल की थी।मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में उनके संबोधन के दौरान अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ.फातिमा मादा बायो भी मौजूद थीं,जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया।इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत सहित 67 देशों के अनुमोदन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया,जिसे 4 सितंबर को पारित कर दिया गया।भारत में जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देश के सभी 782 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रहा है और अब तक 5,50,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं।
