जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में रविवार देर रात उस समय असाधारण स्थिति बन गई, जब बीकानेर से जुड़े एक चुनावी मामले में तत्काल सुनवाई के लिए हाईकोर्ट के गेट खोले गए।रविवार रात करीब 10 बजे याचिका दाखिल होने के बाद मामले की तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने विशेष सुनवाई की व्यवस्था की और जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ का गठन किया गया।मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड संख्या 18 से निर्वाचित मकसूद अहमद से जुड़ा है।
उन्हें करीब दो माह पुरानी एक एफआईआर के संबंध में 15 सितंबर को गवाह के रूप में नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उन्हें 19 सितंबर को घर पर उपस्थित होने के लिए कहा गया था, जिसके बाद उन्होंने 20 सितंबर को अपना जवाब दिया।20 सितंबर को पुलिस द्वारा गिरफतार किये जाने की आशंका के चलते देर शाम तक राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गयी, क्योंकि सोमवार 21 सितंबर को मेयर पद के लिए चुनाव होने हैं और चुनाव में शामिल होने से रोका जा सकता था.
रविवार देर रात दाखिल हुई याचिका, तत्काल कोर्ट खुला
जानकारी के अनुसार, रविवार देर शाम इस मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। रात करीब 10 बजे मामले की तात्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई की व्यवस्था की गई।
इसके बाद जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की।
मकसूद अहमद को बड़ी अंतरिम राहत
सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने मकसूद अहमद को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बीकानेर के इस मामले में तत्काल गिरफ्तारी की आशंका पर विराम लग गया है।
याचिका अधिवक्ता कौशल गौतम के माध्यम से दायर की गई, जबकि मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य ने पैरवी की।देर रात हाईकोर्ट खुलने से कानूनी हलकों में हलचलरविवार रात सामान्य न्यायिक कार्यवाही के समय के बाद हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई की खबर सामने आते ही कानूनी और चुनावी हलकों में हलचल तेज हो गई। बीकानेर नगर निगम के वार्ड-18 से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से दी गई अंतरिम राहत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मामले में एफआईआर, नोटिस और गिरफ्तारी से जुड़ी परिस्थितियों पर अदालत के समक्ष पक्ष रखा गया। फिलहाल एकलपीठ ने मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की है।रविवार देर रात राजस्थान हाईकोर्ट के गेट खुलना और विशेष बेंच का गठन होना इस मामले की तात्कालिकता को दर्शाता है।
बता दें कि चुनाव के बीच कांग्रेसी पार्षद मनोज विश्नोई, मकसूद अहमद व नवरतन डागा को नोटिस दिए गए हैं। तीन दिन पहले विश्नोई को उनकी होटल के संबंध में नोटिस दिया गया। मकसूद को कोटगेट थाने में दर्ज एक पुराने मामले में नोटिस देकर बुलाया गया। वहीं रविवार को डागा को हाल ही में मोहित अरोड़ा द्वारा दर्ज करवाए गए सिंबल चोरी के प्रकरण में सदर थाने में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया। डागा ने पुलिस को कानूनी जवाब पेश कर 23 अथवा 24 सितंबर को जांच में सहयोग हेतु थाने में उपस्थित होने की बात कही है।
