तहलका न्यूज,बीकानेर। खेजड़ी बचाने के लिये चल रहे आन्दोलन में वनप्रेमियों को जबरन परेशान से आक्रोशित संत समाज ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर आन्दोलन को कुचलने के लिये अनैतिक तरीके अपनाएं तो परिणाम भुगतने पड़ेगें। विश्नोई धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में संत सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि सरकार ने आन्दोलन को समाप्त करने के लिये जिस तरह का रास्ता अपना रही है,वो निन्दनीय है। इसके लिये सरकार व जिला प्रशासन समय रहते चेत जाएं। इस बार मुकाम का मेला खेजड़ी के नाम होगा।17 फरवरी को आन्दोलन गली मोहल्लो तक फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से भागीरथ तेतरवाल,पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई सहित आन्दोलन को समर्थन दे रहे अनेक अगुवा नेताओं को बेवजह तंग कर उनकी व्यवसायिक गतिविधियों को प्रभावित किया जा रहा है। उनके प्रतिष्ठानों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। जो न्यायसंगत नहीं है। रेवन्यू सचिव की ओर से किसी प्रकार का पत्र नहीं भेजा गया। जिसके कारण ही यह आन्दोलन जारी रहेगा। संत भागीरथ शास्त्री ने कहा कि इस दफा मुकाम मेले में आव्हान किया जाएगा कि वनप्रेमी मुकाम धाम में धोक लगाकर बीकानेर महापड़ाव में शामिल हो। अगर ऐसा हो गया तो प्रशासन को संभालना मुश्किल होगा। समिति के संयोजक परसाराम विश्नोई ने स्पष्ट कहा कि अगर प्रताडऩा के दम पर आन्दोलन खत्म करवाने की सरकार की नीयत है तो कभी कामयाब नहीं होगी। पत्रकार वार्ता में रामगोपाल विश्नोई,सुभाष विश्नोई भी मौजूद रहे।
एक सूत्री मांग
उन्होंने कहा कि रेवन्यू सचिव प्रदेशभर के सचिव जिला कलेक्टरों को यह आदेश दे दें कि अब खेजड़ी नहीं काटी जाएगी। हम इस प्रकार के आदेश के साथ ही धरना समाप्त कर देंगे। इसको लेकर हमने शपथ पत्र सरकार को दे दिया है। अब सरकार हमें इस प्रकार का आदेश दे दें।
टाटा कंपनी जैसा भी हो सकता है विकल्प
उपस्थित लोगों से सोलर भी लगे और खेजड़ी न कटे के विकल्प पर पूछे गये प्रश्न का जबाब देते हुए कहा कि जिस तरह बीकानेर के बरसिंहसर में टाटा कंपनी ने सोलर प्लांट लगा रखा है। अगर वैसा सभी कंपनियां करें तो किसी समाज को इस प्रकार के आन्दोलन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।