


तहलका न्यूज,बीकानेर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश पारित कर परिवादी को उसके बीमा क्लेम की लाखों रूपये की राशि त्वरित देने को कहा है। बताया जाता है कि परिवादिनी श्रीमती संतोष कंवर पत्नी स्व.लिछमण सिंह पंवार द्वारा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में बीमा क्लेम के संबंध में परिवाद प्रस्तुत किया गया था। जिसमें शाखा प्रबंधक,बैंक ऑफ बड़ौदा,शाखा श्रीडूंगरगढ़ और स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लि को पक्षकार बनाया गया।परिवादिनी के पति लिछमण सिंह द्वारा 25,00,000/- की बीमा पॉलिसी ली गई थी। जिनका 04.05.2021 को उनके आकस्मिक निधन के पश्चात परिवादिनी ने बीमा कंपनी से क्लेम की मांग की।दोनों पक्षों की बहस सुनने एवं अभिलेखों के अवलोकन के पश्चात आयोग ने यह पाया कि परिवादिनी द्वारा बीमा कंपनी के समक्ष विधिवत क्लेम प्रस्तुत किए जाने का पर्याप्त प्रमाण अभिलेख पर उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण परिवाद को प्री-मैच्योर माना गया।तथापि,उपभोक्ता हित को ध्यान में रखते हुए आयोग ने अपने आदेश में परिवादिनी को निर्देशित किया कि वह आदेश की तिथि से 2 माह के भीतर संबंधित बीमा कंपनी के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों सहित क्लेम आवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही, बीमा कंपनी को यह निर्देश दिया गया कि वह क्लेम आवेदन प्राप्त होने के 2 माह के भीतर विधि अनुसार क्लेम का निस्तारण करे।यदि निर्धारित अवधि में क्लेम का निस्तारण नहीं किया जाता है या परिवादिनी कंपनी के निर्णय से असंतुष्ट रहती हैं, तो उन्हें पुन: आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता प्रदान की गई है।उक्त प्रकरण में परिवादिनी की ओर से अधिवक्ता सुनीता अरोड़ा द्वारा प्रभावी एवं सशक्त पैरवी की गई। उन्होंने तथ्यों एवं विधिक पहलुओं को स्पष्ट रूप से आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया,जिसके परिणामस्वरूप परिवादिनी को न्यायसंगत अवसर प्राप्त हुआ। अधिवक्ता सुनीता अरोड़ा की यह पैरवी सराहनीय मानी जा रही है तथा उपभोक्ता हितों की रक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
