

तहलका न्यूज,बीकानेर। प्रदेश के अनेक विश्व विद्यालयों के कुलगुरू की अनियमितताओं के मामले सामने आए है। जिसमें सता पक्ष के विधायकों व अग्रिम संगठनों ने भी सवाल खड़े करते हुए विवि में घोटालों की पुष्टि भी की है। अब बीकानेर के भी एक विवि के कुलगुरू को भाजपा विधायक ने निलंबित करने की मांग विधानसभा में रखी है। साथ ही स्पेशल ऑडिट करवाने की बात भी कही है। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने आज विधानसभा के उच्च शिक्षा के कट मोशन में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलगुरू मनोज दीक्षित और उनके निजी व्यक्ति अमित पांडे द्वारा विश्वविद्यालय में की जा रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय समिति से कराने की मांग विधानसभा अध्यक्ष से की। इस विषय पर शहर भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ भगवान सिंह मेड़तिया द्वारा राज्यपाल और राज्य सरकार को 20 बिंदुओं पर प्रेषित शिकायत भेजी थी। विधायक ताराचंद सारस्वत द्वारा विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के निम्न प्रमुख बिंदु उठाए और उनकी समिति बनाकर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। राजस्थान में 32 राज्यवित्तपोषित विश्वविद्यालय संचालित हैं,जो हमारे युवाओं के भविष्य का निर्माण करते हैं। परंतु जब इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्तियों पर ही वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगें,तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। पूर्व में भी जांच के उपरांत कई विश्वविद्यालयों में कार्रवाई हुई है,जिनमें स्वामी के शवानन्द कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर,महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय,श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय,मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इसी प्रकार महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में भी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
ये कहा विधायक सारस्वत ने सदन में
मैं स्वयं इस विश्वविद्यालय की प्रबंध बोर्ड में विधायक सदस्य हूँ। 14 जून 25 की बैठक में 17,936 लाख का घाटे का बजट प्रस्तुत किया गया। मैंने आपत्ति दर्ज कर अपव्यय कम करने का सुझाव दिया,आश्वासन भी मिला कि बजट पारित नहीं होगा, किंतु अगले ही दिन उसे अनुमोदित कर दिया गया। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त एसीबी जांच में नकद राशि की बरामदगी,प्रश्नपत्र छपाई में अत्यधिक व्यय,नियमों के विरुद्ध लग्जरी वाहन खरीद,उत्तर पुस्तिकाओं की नीलामी में अनियमितता,स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों एवं नियुक्तियों में नियमों की अवहेलना,अनावश्यक निर्माण व सेमिनारों पर अपव्यय,विश्वविद्यालय निधि को निजी बैंकों में स्थानांतरित करने का प्रयास —जैसे गंभीर विषय सामने आए हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि शिकायतों पर विश्वविद्यालय से ही टिप्पणी मांगी जा रही है,जिससे निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं।
विधायक ने यह किया आग्रह
संबंधित कुलगुरू को तत्काल निलंबित किया जाए।
स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।
विशेष लेखा परीक्षण (स्पेशल ऑडिट) कराया जाए।
यह विषय राजनीति का नहीं, बल्कि पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य का है। विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
बीकानेर तहलका ने 2024 में की थी खबर प्रकाशित
9 सितम्बर 2024 को इस शख्स पर एमजीएसयू के निजी महाविद्यालयों के मालिकों से अवैध वसूली के आरोप नाम से प्रकाशित खबर में बीकानेर तहलका संवाददाता ने स्पष्ट किया था कि निजी बैंकों से अमित पांडे की मिलीभगती,निजी महाविद्यालयों के मालिकों एवं निविदा ठेके दार से अवैध वसूली,अनापति प्रमाण पत्र भेजने के उपरांत वसूली और विवादित टेंडर प्रक्रिया में घालमेल जैसे विषयों को उठाया था।
