




तहलका न्यूज,बीकानेर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा रविवार को भारतीय नव संवत्सर 2082 शुरू होगा। इन नौ दिनों में दैवी की उपासना की जाएगी। जिसको लेकर मंदिरों व घरों में तैयारियां की जा रही है। मंदिरों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। पंडित राजेंद्र किराडू ने बताया कि इस बार घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से दोपहर एक बजे तक श्रेष्ठ रहेगा। दुर्गाष्टमी 05 अप्रैल और दुर्गानवमी और रामनवमी 06 अप्रैल को मनाई जाएगी। वहीं पं भैरव रतन बोहरा ने बताया कि घट स्थापना सुबह 6.29 से 10.37 व अभिजीत मूहुर्त में 12.17 से 13.06 बजे तक श्रेष्ठ मूहुर्त रहेगा। पंञ्चांगकर्ता पंडित किराडू कहते हैं कि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्र शुरू होते हैं। इस दिन घरों और मंदिरों में देवी की पूजा और घटस्थापना होगी। नवरात्र में देवी की विशेष पूजा होगी। इन नौ दिनों में साधक दुर्गा सप्तशती,देवी अथर्वशीर्ष,देवी भागवत और श्रीसूक्त के पाठ करेंग। इस दिन घर की छत पर ध्वजारोहण से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है,इसलिए इस दिन नए पञ्चांग को सुनने और दान करने का महत्व भी धर्म शास्त्रों में बतलाया गया है। नौ दिन व्रत उपवास और दान करने से अनेक प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती है।