तहलका न्यूज,बीकानेर।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा की जिला कार्यकारिणी,प्रदेश पदाधिकारी,खंड अध्यक्ष मंत्री की सयुक्त बैठक प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य के मुख्य आतिथ्य में रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जेलवेल बीकानेर में विभिन्न सत्रों संगठन परिचय,सदस्यता अभियान,प्रवासी कार्यकर्ता एव प्रवास योजना,शैक्षिक समस्या,खंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्य योजना पर चर्चा के साथ संपन्न हुई।संगठन के अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल ने बताया कि मंडल सयुक्त मंत्री विनोद पुनिया,प्रदेश सयुक्त मंत्री सुरेश व्यास का बैठक में सान्निध्य रहा। जिलाध्यक्ष मोहनलाल भादू ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय 2026 से पूरे भारत में एक ही नाम अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान  (विद्यालय शिक्षा) के नाम से कार्य करेगा। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने कहा कि विद्यालयों को केवल शिक्षण स्थल नहीं बल्कि संस्कार तीर्थ के रूप में विकसित करते हुए शिक्षक विद्यार्थियों में नैतिकता,अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत करने का आव्हान किया।आचार्य ने  प्रत्येक खण्ड पर संगठन की रचना को प्रभावी बनाने,संगठन को शसक्त बनाए जाने के साथ व्यक्तिगत पहचान से ऊपर संगठन प्रतिष्ठा को सर्वोपरि रखने का आव्हान पदाधिकारियों से किया।मंडल सयुक्त मंत्री विनोद पुनिया ने कहा कि पदाधिकारी अपनी आंतरिक शक्ति को जागृत कर प्रत्येक शिक्षक तक सदस्यता के माध्यम से पहुंच बनाने के साथ उनकी समस्याओं के निराकरण में भागीदार बने।प्रदेश सयुक्त मंत्री सुरेश व्यास ने कहा कि पदाधिकारी निरन्तर अपने संगठन दायित्वों एव कार्यों का मूल्यांकन करते हुए संगठन यात्रा में सहभागिता निभाए तो विस्तार होगा।महिला मंत्री श्रीमती चन्द्रकला भादानी ने संगठन की विभिन्न इकाइयों—विद्यालय,संकुल,खंड,जिला,विभाग,संभाग,प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर—की संरचना का विवरण देते हुए बताया कि संगठन आज राष्ट्रीय स्तर पर 13 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों के साथ सशक्त रूप में कार्य कर रहा है।उन्होंने आगामी सदस्यता अभियान (15 से 25 अप्रैल),खंड स्तरीय प्रशिक्षण,प्रधानाचार्य संवाद,समरसता दिवस एवं प्रकोष्ठ कार्यशालाओं की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया जिलाध्यक्ष मोहन भादू ने बताया कि शिक्षक समस्याओं में शिक्षकों की सत्र 26-27 के लिए शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि में कटौती के विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने,तृतीय श्रेणी सहित समस्त संवर्ग की बकाया डीपीसी तत्काल करवाने,तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक,सामाजिक ज्ञान,वाणिज्य,कला, प्रयोगशाला सहायक,पुस्तकालयाध्यक्ष को सेवाकाल में न्यूनतम 1 पदोन्नति हेतु पदनाम परिवर्तन कर पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने,तृतीय श्रेणी सहित समस्त संवर्ग के स्थानांतरण करने,क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों का आवंटन करने,बकाया पदस्थापन करने,अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने,राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने,स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र लागू करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं,पद आवंटन की वित्तीय स्वीकृति अभाव में अन्य स्थान से वेतन आहरण की स्थिति में मकान किराया वसूली आदेश वापिस लेने आदि मांगों पर चर्चा हुई।बैठक में मोहम्मद फैसल,सुरेश खेसवानी,विकास पंवार,चंद्रकला आचार्य,बबीता वर्मा,मीरा वर्मा,बहादुरसिंह,पूनम गोदारा,महावीर धतरवाल,अलसीराम विश्नोई,राजेंद्र व्यास,दीपक उप्रेती,प्रदीप यादव अशोक अग्रवाल, श्रीचंद कैलाशदान,जगदीश मंडा,मोहन लाल आदि ने भी अपने विचार रखे