तहलका न्यूज,बीकानेर। एक ओर तो सरकार इस बात का दावा करती है कि कही पर भ्रष्टाचार हो रहा है तो तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं ताकि ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। लेकिन दूसरी ओर अभियांत्रिकी महाविद्यालय में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार पर शिकायतों के बाद भी सरकार को कोई ध्यान नहीं जा रहा है। मंजर यह है कि तकनीकी विभाग व शासन सचिवालय में बैठे अधिकारी उन शिकायती पत्रों को क चरे के ढेर में डाल रहे है। बताया जा रहा है कि अभियांत्रिकी महाविद्यालय में 2009 तक अनुबंधित शिक्षकों को आज भी सभी प्रकार के वेतन भत्ते और परिलाभ दिए जा रहे है। जबकि उनका अनुबंध समाप्त हुए करीब 16 वर्ष हो रहे है। इसके उपरांत भी इन शिक्षकों हटाने की बजाय महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दे रखी है। इतना ही नहीं इन अनुबंधात्मक शिक्षकों द्वारा महाविद्यालय से एम टेक और पीएचडी में उच्च अध्ययन में जाने के लिये नियुक्ति को नियमित बताकर सवैतनिक उच्च अध्ययन पर जाकर उपाधियां अर्जित की है और महाविद्यालय से इस अवधि का पूरा वेतन उठाया है। जबकि कुछ जने तो इसकी पात्रता तक नहीं रखते। ईसीबी में भ्रष्टाचार के हालात इस कदर है कि अनुबंध शिक्षकों को वित्त नियंत्रक और कुलसचिव ने नियम विरूद्व जाकर 21 वंी प्रबंध मंडल की बैठक में प्रमोशन लाभ के आदेश तक जारी कर दिए। जिसके चलते करोड़ों रूपये का घालमेल व राजस्व का नुकसान सरकार को हुआ है। उसके उपरान्त भी सरकार आंखे मूंदे बैठी है।