तहलका न्यूज,बीकानेर। शहर में सीवरेज सिस्टम का कार्य आमजन सुविधाओं के लिये किया जा रहा है। लेकिन अब यह कार्य क्षेत्र के लोगों के लिये जी का जंजाल बन गया है। मंजर यह है कि क्षेत्र के लोग जीवन पर बन आई है। जोशीवाड़ा स्थित मुख्य मार्ग में आवागमन करना अब आसान काम नहीं है। सड़क पर उड़ रही धूल से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। हालात यह है कि यहां सड़कों पर उड़ती धूल की वजह से लोगों को चश्मा,रूमाल,स्कार्फ चेहरे पर बांध कर चलते या घर को आगे बैठे आसानी देखा जा सकता है।सड़कों पर बने गड्ढे से तो राहगीर पहले ही परेशान हो रहे थे,अब उड़ती धूल का भी सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग शहर का अति महत्वपूर्ण मार्ग है। फिर भी संबंधित सीवरेज कार्य करने वाली कंपनी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। मुख्य मार्ग होने के कारण शाम को दिनभर आवागमन अधिक रहता है। ऐसे में वाहनों की रेलमपेल से इस मार्ग पर धूल ही धूल नजर आती है। मुख्य मार्ग पर वाहनों के आने जाने से मिट्टी पिस-पिस कर बारीक हो गई। अब जैसे ही कोई वाहन मार्ग से गुजरता है तो मिट्टी का गुब्बार बन जाता है तथा पूरा वातावरण धूलमय हो जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र के कई दुकानदार खांसी,एलर्जी एवं दमे से ग्रसित हो रहे हैं। वाहन गुजरते समय तो दुकानदारों को अपनी दुकान के शटर बंद करने पड़ते हैं। धूल के गुबार से दो-चार होना पड़ रहा है। लोगों को भी अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जब हमारे संवाददाता ने स्थानीय लोगों से बातचीत की तो उनकी पीड़ा सामने आई। स्थानीय निवासी नागेश्वर जोशी ने बताया कि प्रशासन के उदासीनता के चलते राहगीरों और नगरवासियों को बेहद परेशानी हो रही है। दिनों दिन वाहनों कि आवजाही से उड़ते धूल की गुबार से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। लोग गड्‌ढेे में गिरकर घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे है। धुल से होने वाली श्वास संबंधित बीमारी,आंखे में इन्फे क्सन,त्वचा बाल में इन्फेक्शन,दमा के साथ-साथ कई बीमारियों का खतरा बना है। है।