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डिस्पेन्सरी प्रभारी के खिलाफ थाने में दी शिकायत

  तहलका न्यूज,बीकानेर।विगत सप्ताह बीछवाल स्थित डिस्पेन्सरी में प्रसूता की सोनोग्राफी का टोकन नहीं देने

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डिस्पेन्सरी प्रभारी के खिलाफ थाने में दी शिकायत

 

तहलका न्यूज,बीकानेर।विगत सप्ताह बीछवाल स्थित डिस्पेन्सरी में प्रसूता की सोनोग्राफी का टोकन नहीं देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।इसको लेकर पूर्व में प्रभारी डॉ गरिमा चौधरी ने प्रसूता के पति मनीष अरोड़ा के खिलाफ थाने में शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने अरोड़ा से पूछताछ की और सीएमएचओ से बयान लिए तो सामने आया कि प्रसूता हीना का ममता कार्ड सही बना हुआ है। लेकिन डिस्पेन्सरी प्रभारी ने उसे फर्जी बताया।जिसके बाद सीएमएचओ ने क्लीन चिट देने के बाद प्रसूता के पति ने बीछवाल थाने में डॉ गरिमा चौधरी पर द्धेषतापूर्ण कार्रवाई कर सोनोग्राफी टोकन नहीं देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई है।

ये है मामला
बताया जा रहा है कि 27 मई को बीछवाल डिस्पेन्सरी में एक गर्मवती महिला हीना को सोनोग्राफी का टोकन इसलिए नहीं दिया गया। क्योंकि उसके पास ममता कार्ड का मूल दस्तावेज नहीं था। जबकि उस प्रसूता ने डिस्पेन्सरी में उपस्थित डॉ गरिमा चौधरी को बता दिया था कि उनका ममता कार्ड खो गया है। उसकी प्रतिलिपि है। उनके पति मनीष अरोड़ा ने डॉ चौधरी को आग्रह भी किया लेकिन नियमों की आड़ लेकर उसने सोनोग्राफी का टोकन देने से मना कर दिया। जबकि राज्य सरकार ने गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी जांच के लिये सुविधा दे रखी है। हालांकि इसके लिये ममता कार्ड के मूल दस्तावेज की भी जरूरत नहीं है। बल्कि आधार कार्ड,जनआधार कार्ड और वैध मोबाइल नंबर जिस पर क्यू आर कोड आधारित ई वाउचर प्राप्त होता है,को ही जरूरी दस्तावेज के लिये मान्य किया गया है। उसके बाद भी बीछवाल स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ गरिमा ने हठधर्मिता दिखाते हुए टोकन देने की मनाही कर दी। जब इसकी शिकायत लेकर गर्भवती हीना के पति मनीष अरोडा सीएमएचओ से मिलने गये। तो वे जोधपुर थे। इस पर उन्होंने फोन पर संपर्क कर अपनी पीड़ा सीएमएचओ को बताई तो उन्होंने डॉ गरिमा से बात कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए साथ ही एक प्रार्थना पत्र लिखकर देने को भी पीडि़ता को कहा। प्रसूता पति का आरोप है कि जब सरकार ने इस प्रकार का प्रावधान कर रखा है। तो फिर जबरन सीएमएचओ व बीछवाल स्वास्थ्य प्रभारी उनसे प्रार्थना पत्र क्यों मांग रहे है। अगर आज टोकन की तारीख निकल जाती है तो उन्हें फिर 15 दिन का इंतजार करना पड़ेगा।

डॉ चौधरी पर द्धेषता से काम करने का आरोप
प्रसूता के पति मनीष का आरोप है कि डॉ चौधरी उनके साथ द्धेषतापूर्ण व्यवहार रखती है। जब उनकी कार्य के प्रति लापरवाही के अनेक मामले आएं तो इसको लेकर मोहल्लेवासियों ने चिकित्सा मंत्री व स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों को इसकी शिकायत की थी। जिसके बाद उनका स्थानान्तरण भी गंगाशहर अस्पताल कर दिया गया। उसके बाद से वे स्थानीय मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करती और अपने मूल स्थान पर पदस्थापन के विपरित यहां बैठी है।

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