तहलका न्यूज,बीकानेर। सनातन धर्म रक्षा समिति की ओर से 7 दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। संस्थापक सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि पूज्या दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा की मधुर वाणी से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 22 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। इसके साथ ही 28 फरवरी को नरसी विला संतश्री दुलाराम जी कुलरिया के फलसे में विशाल साध्वी ऋतंभरा जी के नेतृत्व में धर्म सभा का आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही 27 फरवरी को एक भजन सम्राट अनूप जलोटा,भजन सम्राट प्रकाश माली,अनिल नागौरी,कन्हैया मित्तल द्वारा धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी।

ये रहेगा कार्यक्रम
श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक होगा। 21 फरवरी को दोपहर 2 बजे जूनागढ़ से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलश यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें एक जैसी वेशभूषा धारण किये 1100 सौ महिलाओं सर पर कलश लिए मंगलगीत गाएगी। कलश यात्रा का जगह जगह स्वागत किया जायेगा।श्रीमद् भागवत कथा का ईश्वर साधना चैनल साध्वी ऋतंभरा युटुब फेसबुक पर लाइव प्रसारण होगा। पूज्या दिदी मां साध्वी ऋतंभरा शाम 4 बजे से 5.30 बजे तक आमजन से मुलाकात कर आशीर्वाद प्रदान करेगी। श्रीमद् भागवत कथा में रोज पूजा अर्चना के साथ वाचन शुरू होगा। इसके अलावा 51 कुण्डीय विश्वशांति महायज्ञ पंडित याज्ञाचार्य सिद्धार्थ पुरोहित के सान्निध्य में 101 पंडित द्वारा किया जायेगा। 22 फरवरी सेें 101 पंडितों द्वारा सुबह 8.30 से 12.15 बजे तक होगा।

24 को आएंगें शंकराचार्य
राजपुरोहित ने बताया कि 24 फरवरी शाम को श्रृंगेरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी विधुर शेखर भारती बैगलोर से जयपुर एयरपोर्ट आयेंगे और जयपुर से सडक़ मार्ग से बीकानेर पहुंचेगें। जिनका साधु संतों मंडलेश्वर महामंडलेश्वर और बीकानेर के नागरिकों द्वारा स्वागत किया जायेगा। शंकराचार्य भगवान 25 फरवरी को सुबह 6 से 8 बजे तक पूजा पाठ 9 से 10 बजे तक दीक्षा समारोह,12 बजे से शंकराचार्य दर्शन संवाद कार्यक्रम,शाम 4 बजे जूनागढ़ से शहर की मुख्य सडक़ों से शंकराचार्य जी नगर भ्रमण करेंगे। नगर भ्रमण
जूनागढ़ से केईएम रोड,कोटगेट होते हुए कथा स्थल पहुंचेगा। 26 फरवरी को शाम चार बजे शंकराचार्य जी भगवान की धर्म सभा होगी। 27 फरवरी को सनातन धर्म रक्षा समिति बीकानेर द्वारा निर्माणधीन गौशाला का शुभारंभ सुबह 11 बजे किया जाएगा और उसके बाद वात्सल्य ग्राम दिदी मां साध्वी ऋतंभरा जी को समर्पित 1 बीघा जमीन पर वृद्ध आश्रम और शंकराचार्य भगवान को समर्पित गुरूकुल का भूमि पूजन होगा।

इनके आने की संभावना
कार्यक्रम में हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास जी महाराज,ब्रह्म ऋषि भोमाराम जी महाराज,बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी,संत श्री प्रमोद कृष्णम,महंत बालकनाथ सहित अनेक संत महात्मा मंडलेश्वर महामंडलेश्वर आचार्य के साथ साथ
केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल,केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत,केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल,केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान,मुम्बई उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे,राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा,मंत्री किरोड़ी लाल मीणा,ओटाराम देवासी,राज्यवर्धन राठौड़,चितौडग़ढ़ से सासंद सीपी जोशी सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी बीकानेर पधारने का कार्यक्रम बन रहा है।

पीले चावल बांट दिया जाएगा निमंत्रण
सात दिनों तक चलने वाले इस अनूठे आयोजन में नगरवासियों को पीले चावल बांटकर आमंत्रण दिया जाएगा। जिसकी शुरूआत सोमवार से होगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग टीमों के द्वारा कार्यक्रम का प्रचार प्रसार कर इस कार्यक्रम को दिव्य और भव्य बनाने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। सनातन धर्म रक्षा समिति के संस्थापक सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित,आयोजित कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल सोनी झुमर सा,एडवोकेट बजरंग छींपा, लक्ष्मी नारायण सुथार,भुवनेश नागल,प्रहलाद सिंह मार्शल,गोपाल भादाणी,विमल बिनावरा,सीताराम कच्छावा,राजेंद्र सिंह शेखावत,राजेन्द्र चुघ, कमल सिंह बापेऊ,रामेश्वर लाल बिश्नोई,महेन्द्र बारुपाल,नंदा चुघ,राधा खत्री,शशि,उर्मिला,भुवेनश्वर नागल,मंजू यादव,लक्ष्मीनारायण सुथार,सुशील यादव,भागीरथ मल कुमावत सहित अनेक कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए है।

बीकानेर पहुंचेगा महिला ढोल-ताशा पथक
परम पूज्य दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा जी की भव्य शोभायात्रा इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है। इस यात्रा की गरिमा बढ़ाने और भक्तिमय वातावरण में जोश भरने के लिए महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक महिला ढोल-ताशा पथक विशेष रूप से बीकानेर पहुंच रहा है।दीदी की ओजस्वी उपस्थिति और ढोल-ताशा की गूंज, भक्ति और शक्ति का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ये महिला कलाकार अपनी कला से नारी शक्ति का जयघोष करेंगी।ढोल-ताशा पथक अपने कड़े अनुशासन और लयबद्ध वादन के लिए जाना जाता है, जो शोभायात्रा के दौरान आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा।दीदी माँ की शोभायात्रा के दौरान यह पथक न केवल वादन करेगा, बल्कि महाराष्ट्र के पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध भी करेगा। स्थानीय आयोजकों के अनुसार, इस भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं।