तहलका न्यूज,बीकानेर। गोपेश्वर बस्ती क्षेत्र स्थित श्री जंगलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शुक्रवार को भागवत कथा के छठे दिन आज कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया ।सनातन धर्म रक्षा मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि आज कथा के प्रारंभ में यजमान मोहन लाल सोनी,किशन लाल मोदी,मोनिका मोदी,सीताराम कच्छावा,शिवजी सुथार,गौरव मोदी,खुशबू तथा पारुल मोदी ने भागवत की आरती में भाग लिया।श्री बालाजी सेवा धाम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर बजरंग दास जी महाराज के श्रीमुख से होने वाली”श्रीमद्भागवत कथा” के छठे दिन हज़ारों श्रद्धालुओ ने धूमधाम से “नंद उत्सव” मनाया।कृष्ण अवतार होते ही महिलाएं खुशी से झूम उठीं और पूरा माहौल कृष्णमय हो गया। बजरंग दास जी महाराज ने कृष्ण जन्म की कथा सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कान्हा के जन्म के साथ कथा स्थल में नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की”तथा”नंदलाल प्रगट भये आजु बिरज में लड्डुवा बंटे”सरीखे भजनों ने श्रद्धालुओं को झूम झूमकर नाचने पर मजबूर कर दिया।महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण इस धरती पर धर्म की रक्षा के लिए आए थे। अधर्म की नीति का समाप्त करने के लिए भगवान खुद ही पृथ्वी पर आते हैं। उन्होंने कहा कि अनीति,अत्याचार,पाप,अनाचार और षडयंत्र कभी सफल नहीं होते हैं। यह क्षणिक होते हैं। लेकिन सद्चार,परोपकार,सद्कर्म,न्याय और नीति हमेशा स्थाई होते हैं। इंसान का जीवन इन्हीं आचारणों के करीब होना चाहिए। कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वोपरी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। उन्होने बताया कि प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। मनुष्य इस सांसारिक मोह में फस कर अपने जीवन को व्यर्थ गंवा देता है। मनुष्य अपने मन के कुविचारों को निकाल कर परमेश्वर का ध्यान लगाता है तो वह मोक्ष की प्राप्ति करता है। कथा के दौरान फूलों की होली खेली गई।इस दौरान कथा पंडाल को भव्य तरीके से सजाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे ।शाम को आरती आज करने के पश्चात माखन मिश्री पंजीरी फल का प्रसाद वितरित किया गया तथा खिलौने बांटे गए।पंडित योगेश के नेतृत्व में 108 कुंडीय गौरीशंकर महायज्ञ”में यजमानों ने सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक गौरी और शंकर महामंत्र की आहुतियां दीं। झंवरलाल टाक,जयश्री भाटी,उषा गहलोत,संतोष उपाध्याय कप्तान सिंह,लोकेश देवी हनुमान गहलोत,नंदकिशोर गहलोत ने यज्ञ की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।मंच की व्यवस्थाओं में इंद्र सिंह राजपुरोहित,जय सिंह राजपुरोहित,नथूराम कच्छावा तथा दिनेश सुथार ने सहयोग किया।रामदेव सेवा समिति ट्रस्ट द्वारा लगातार छठे दिन भी भंडारे की व्यवस्था की गई। मदन पवार के नेतृत्व में सरदार मल भोजक,अशोक शर्मा,गणेश पवार,विनोद जोशी तथा रवि आचार्य ने भंडारे में सेवाएं दी।