

तहलका न्यूज,बीकानेर। 8वीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रही 13 वर्षीय छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़ा गया आरोपी मृतका का पड़ौसी ही था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब दस विशेष टीमों का गठन कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की। लगातार चार दिनों तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मंगलवार सुबह पुलिस को सफलता मिली और कोलायत क्षेत्र निवासी आरोपी श्यामसुंदर को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसने छात्रा का पीछा कर उसे रास्ते में पकड़ा और चुन्नी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद अपने घर चला गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए शव मिलने के बाद ग्रामीणों व परिजनों के साथ एक दिन धरने पर भी बैठा रहा।इधर,घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।बाद में विधि विधान से अंतिम संस्कार कर दिया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि 21 फरवरी को छात्रा दोपहर 12:15 अपने घर से 8वीं बोर्ड की परीक्षा देने जा रही थी। करीब 1:46 बजे स्कूल प्रशासन ने परिजनों को बताया कि छात्रा स्कूल नहीं पहुंची है। इसके बाद हम लोगों ने तलाश शुरू कर दी।थोड़ी दूर पहुंचे तो बच्ची का शव अर्द्धनग्न हाल में पड़ा था। जांच में सामने आया कि रास्ते में आरोपी युवक ने छात्रा को जबरन रोक लिया। विरोध करने पर उसने बालिका का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आशंका है कि घटना के दौरान दुष्कर्म भी किया गया।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सुराग
एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर लगे सीसीटीवी में 21 फरवरी की सुबह करीब 12:15 बजे एक युवक जाते हुए दिखाई दिया। दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच लौटता हुआ नजर आया।शक के आधार पर पुलिस ने युवक से पूछताछ की तो युवक ने खेत में काम से जाने की बात कही। घटनास्थल और खेत की दूरी का अनुमान लगाया गया। आरोपी के बताए काम व दूरी के मुताबिक वह कुछ ही मिनटों में वापस आ सकता था, लेकिन वह काफी देर बाद लौटा।
वारदात के बाद ग्रामीणों के साथ धरने में बैठा रहा आरोपी
वारदात के बाद आरोपी घटना स्थल पर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठा रहा। अगले दिन 22 फरवरी को समझाइश कर बॉडी को हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। संदिग्ध युवक को दो दिन की पूछताछ के बाद सोमवार को डिटेन किया गया। सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने वारदात करना कबूल कर लिया।
सहमति के बाद धरना खत्म,शव का हुआ पोस्टमॉर्टम
घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन में सहमति बनी। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। उपखंड प्रशासन स्तर पर परिजनों को लिखित में मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया है। 5 लाख रुपए पीडि़त प्रतिकर योजना,5 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलवाने की बात कही है। वहीं मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा।
ताबीज बना सुराग
रणजीतपुरा में नाबालिग बालिका हत्याकांड में पुलिस ने सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि घटना के दौरान हाथापाई में आरोपी के गले का लकड़ी का ताबीज घटनास्थल पर गिर गया था,जो पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ।सूत्रों के अनुसार,वारदात के बाद आरोपी घर गया, स्नान कर कपड़े बदले और उसी तरह का दूसरा ताबीज पहनकर सामान्य दिनचर्या में जुट गया। आंदोलन तेज होने पर वह सोशल मीडिया पर भी “न्याय की मांग” से जुड़े पोस्ट साझा करता रहा और धरना स्थल पर मौजूद रहा, ताकि शक से दूर रह सके।ताबीज पर शक गहराने के बाद पुलिस टीम उसके घर पहुंची। आरोपी पूछताछ के लिए साथ चलने को तैयार हो गया और लगातार खुद को बेगुनाह बताता रहा। अलग-अलग टीमों ने कई दौर की पूछताछ की। बयानों में विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने दबाव बढ़ाया,जिसके बाद पूछताछ में अहम तथ्य उजागर हुए। मामले का विस्तृत खुलासा जल्द किया जाएगा।
समाजसेवियों ने बढ़ाया हाथ
प्रकरण के बाद पीडि़त परिवार की सहायता के लिए समाजसेवी भामाशाह आगे आए हैं। जानकारी के अनुसार अब तक करीब 89 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि जुटाई जा चुकी है। इसके अलावा सरकार की ओर से भी आर्थिक सहायता का एसडीएम ने लिखित आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।
