तहलका न्यूज,बीकानेर। बीकानेर में रविवार को हो रही राज्य स्तरीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता से पहले राजस्थान स्टेट बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर गंभीर आरोप लगाएं गये है। बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम के अध्यक्ष अरूण व्यास ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया है कि वे प्रतियोगिताओं के नाम पर खिलाडिय़ों से रूपयों की वसूली करती है। इतना ही नहीं खिलाडिय़ों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं दिलवाते है। जिसके कारण लंबे समय से विजेता खिलाड़ी अपनी प्रोत्साहन राशि का आज तक इंतजार कर रहे है। व्यास ने कहा कि यादव एसोसिएशन के अध्यक्ष भी नहीं है। उसके बाद भी वे स्वयंभू अध्यक्ष बनकर एसोसिएशन पर कब्जा जमाएं बैठे है और रूपयों की लूट खसोट कर रहे है।

राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद ने किया नोटिस जारी
व्यास ने बताया कि राजस्थान स्टेट बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन को राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद की ओर से मान्यता संबंधित नोटिस जारी कि या था। जिसमें समस्त प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही थी। लेकिन एसोसिएशन की ओर से किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके चलते राज्य क्रीड़ा परिषद ने वर्ष 2016 में ही संघ की मान्यता समाप्त कर दी थी। इसके बावजूद संघ के नाम पर लगातार काम किया जाता रहा,जिससे खिलाडिय़ों को मिलने वाले दैनिक व यात्रा भत्ते सहित अन्य सुविधाएं बंद हो गईं। आरोप है कि लंबे समय से खिलाड़ी इन लाभों से वंचित हैं।

बॉडी बिल्डर ने की शिकायत
व्यास ने कहा कि हद तो इस बात की हो गई कि मूक बघिर खिलाड़ी हेमन्त जोशी द्वारा राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में भागीदारी निभाने पर उनका दैनिक भत्ता व यात्रा भत्ता तक नवीन यादव की ओर से नहीं दिया गया। जबकि राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद के सचिव राजेन्द्र सिंह ने यादव को पत्र लिखकर जोशी को उनकी राशि देने के निर्देश दिए। उसके उपरान्त भी यादव के कान में जूं तक नहीं रेंगी।

वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप
उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव पर संघ की मान्यता समाप्त होने के बावजूद अवैध रूप से गतिविधियां संचालित करने और वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त है। आरोप है सहकारिता विभाग की जांच के बाद गठित एडहॉक कमेटी के बावजूद गतिविधियां जारी रखे हुए है। समिति के काम में बाधा डालकर स्वयं को पदाधिकारी बताकर खिलाडिय़ों व जिला संघों को गुमराह किया गया।ज्ञापन में प्रतियोगिताओं के नाम पर खिलाडिय़ों से भारी फीस वसूली का मुद्दा भी उठाया गया है। जयपुर,कोटा सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में लाखों रुपये वसूले जाने,वर्ष 2020 के चुनाव में कथित फर्जी हस्ताक्षर करने और कुछ खिलाडिय़ों के भत्ते की राशि हड़पने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इतना ही नहीं बीकानेर में प्रस्तावित प्रतियोगिता के लिए भी प्रति खिलाड़ी 3000 रुपये तक शुल्क लेने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में खेल मंत्री,राज्य क्रीड़ा परिषद और सहकारिता विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है,ताकि खिलाडिय़ों को उनका हक मिल सके।