तहलका न्यूज,बीकानेर।पिछले एक माह से बीकानेर मेें कभी कोर्ट तो कभी मुख्य डाकघर को बम से उड़ाने की धमकियों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। लेकिन अब तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि आखिर यह शरारत कौन कर रहा है। सोमवार सुबह फिर अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। जैसे ही इस प्रकार के ईमेल का अधिवक्ताओं का पता चला।वैसे ही अधिवक्ताओं के सोशल मीडिया ग्रुप में एक दूसरे को एतिहात के दौर पर कोर्ट न जाने का आग्रह किया गया। बताया जा रहा है कि रविवार रात कोर्ट की ई-मेल पर इस प्रकार का धमकी भरा पत्र मिला है।जिसके बाद एहतियातन कोर्ट परिसर को खाली कराकर पुलिस और प्रशासन ने घेराबंदी करते हुए सघन जांच पड़ताल की है।

ये लिखा है ईमेल में
ई-मेल में लिखा गया है कि मौत की सजा पाने वाले पुलिसकर्मी बेकसूर थे। असली दोषी वे राजनीतिक आका और पुलिस प्रमुख हैं,जो तमिलनाडु के मंत्रियों के इशारे पर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर दबाव डालते हैं कि वे इस तरह की कस्टोडियल यातनाएं दें या गैर-कानूनी आदेशों का पालन करें। इतना ही नहीं मैथ्यू वैनडाइक और जाफर सादिक को रिहा करने की बात भी सामने आई है।अन्यथा सोमवार दोपहर 1:15 बजे अदालत में साइनाइड गैस से भरे 14 आईईडी बमों से धमाका किया जाएगा।

ऑफिशियल मेल आईडी पर आया  ईमेल
कोर्ट की ऑफिशियल मेल आईडी पर 12 अप्रैल की रात करीब 9.40 बजे धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। जिसमें कोर्ट को तुरंत खाली करने की चेतावनी दी गई।सूचना मिलते ही सोमवार सुबह सदर थाना पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची। इसके बाद डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिसने कोर्ट परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला,लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

मार्च में भी मिल चुकी है धमकी
एक महीने में दूसरी बार मिली इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले 5 मार्च को भी बीकानेर और लूणकरनसर कोर्ट परिसर को ई-मेल के जरिए धमकी मिल चुकी है। इसके अलावा शहर के हेड पोस्ट ऑफिस को भी दो बार इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं,जिससे सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं।धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस,बम निरोधक दस्ता और अन्य जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। पूरे परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया गया और संदिग्ध वस्तुओं की जांच की गई। साथ ही कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

बार एसोसिएशन ने जताई चिंता
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि पहले मिली धमकी के आरोपी का अब तक पता नहीं चल सका है और एक बार फिर ऐसी घटना सामने आई है।उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।सूचना मिलने के साथ ही पुलिस ने आम लोगों के कोर्ट के अंदर आने के रास्ते बंद कर दिए,ताकि अंदर भीड़ नहीं हो।

जांच जारी, ईमेल के स्रोत की पड़ताल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी की सत्यता की जांच की जा रही है और ईमेल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है,लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।