तहलका न्यूज,बीकानेर। एन आई एक्ट प्रकरण संख्या तीन के विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट ललित कुमार ने चैक अनादरण के मामले में अहम फै सला सुनाते हुए अभियुक्त जितेन्द्र सिंह राठौड़ को दोषी मानते हुए 6 माह का साधारण कारावास व 15 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया है। साथ ही अदम अदायगी उक्त जुर्माना अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि अभियुक्त जितेन्द्र सिंह ने इण्डसइंड बैंक अम्बेडकर सर्किल शाखा से एक वाहन की खरीद के लिये नौ लाख रूपये का लोन लिया था। जिसकी अदायगी को नियमित रूप से 36 मासिक किश्तों में करनी थी,परन्तु अभियुक्त ने कभी भी किश्तों की अदायगी समय पर नहीं की और बार बार तलब व तकाजा करने पर परिवादी कंपनी को बकाया राशि की अदायगी के पेटे एक चैक एबीबीजे कृषि उपज मंडी का दिया। जिसे पांच जनवरी 2016 को इंडसइंड बैंक की ओर से एबीबीजे की शाखा में भुगतान के लिये लगाया तो चैंक अनादरण हो गया। जिसके उपरान्त बैंक की ओर से सुरेश गोस्वामी ने परिवाद दायर कर पैरवी की। अभियुक्त की ओर से विक्रम सिंह ने पैरवी की।
