तहलका न्यूज,बीकानेर। एसपी मृदुल कच्छावा का ऑपरेशन नीलकंठ जोर पकड़ रहा है।कॉन्स्टेबल मुखराम को सूचना मिली थी कि एक घर में बड़ी मात्रा में नशे के कैप्सूल और गोलियां हैं।यहां जब दबिश दी गई तो प्रीगेब्लिन और टेंपटाडोल फॉर्मूला की दवाइयां मिली।पुलिस के अनुसार ये दवाइयां सामान्य तौर पर पेन किलर और इमरजेंसी मेडिसिन के तौर पर काम आती है।लेकिन,इनके लगातार यूज से इनकी लत लग जाती है।थानाधिकारी परमेश्वर सुथार ने बताया कि घड़सीर रोड पर मकान में 22 हजार गोलियां और कैप्सूल मिली है।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि ये दवाइयां मकान मालिक की नहीं थी।मकान का एक हिस्सा दो युवकों को किराया पर दे रखा था,जिनके पास से ये अवैध स्टॉक मिला है।उन्होंने बताया कि एक युवक अभिषेक फरार है,जबकि दूसरा युवक विपिन जोशी मकान में ही मिला था।ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और फरार आरोपी अभिषेक की तलाश की जा रही है।
मेडिकल स्टोर पर कर चुका है काम
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों में से एक सादुलगंज स्थित एक मेडिकल स्टोर पर कर्मचारी रह चुका है।फिलहाल वह अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स के जरिए इन दवाओं की सप्लाई करने का काम कर रहा था।पुलिस का मानना है कि फरार युवक की गिरफ्तारी के बाद इस अवैध दवा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
