court

 

 

तहलका न्यूज,बीकानेर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवम् सेशन न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना के प्रयासों से राष्ट्रीय लोक अदालत में पांच वर्षों से अलग रहे पांच जोड़ों को जीने का संकल्प दिलाया गया और उनका घर बसाया। जिला न्यायाधीश अतुल कुमार ने बताया कि जिला मुख्यालय,बीकानेर एवम ्समस्त तालुकाओं पर राजीनामे योग्य प्रकरणों के विवादों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन प्रकरणों,बैंक के ऋण संबंधी मामलों,राजस्व के प्रकरण व लम्बित प्रकरणों को सम्मिलित करते हुए शमनीय दाण्डिक अपराध,परक्राम्य विलेख अधिनियम,एमएसीटी मामले,पारिवारिक विवाद,श्रम विवाद,भूमि अधिग्रहण मामले,जन उपयोगी सेवाओं संबंधित व सिविल मामलों आदि का अधिकाधिक रूप से निस्तारण लोक अदालत की भावना से किया जाता है। जिला मुख्यालय बीकानेर में राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 09 बेंचों का गठन किया गया। जिला न्यायालय एवम् राजस्व न्यायालयों मे लम्बित प्रक रणों में से कुल 18755 प्रकरण लोक अदालत में रखे गये। जिनमे17712 प्रकरणों का लोक अदालत की भावना से निस्तारण हुआ। वही पारिवारिक न्यायालय में पति पत्नी के बीच चल रहे वैवाहिक मामलों में पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 की पीठासीन अधिकारी वमिता सिंह ओर एडवोकेट हिमांशु गौतम के प्रयासों से पिछले 4 सालों से अलग अलग रह रहे पांच पति पत्नी के बीच सुलह कराई जाकर आज पारिवारिक न्यायालय संख्या 2 में जिला न्यायाधीश अतुल कुमार की उपस्थिति में पांचों पति पत्नी ने आपस में एक दूसरे को माला पहना कर साथ रहने का वचन लिया।सचिव, मांडवी राजवी,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, (अपर जिला एवम् सेशन न्यायाधीश) बीकानेर ने लोक अदालत बैंचों के सभी सदस्यगण,अधिवक्तागण,समस्त बैंकों के मैंनेजर/अधिकारीगण,पक्षकारों,कर्मचारियों को इस लोक अदालत के आयोजन में सकारात्मक भूमिका अदा करने के लिये धन्यवाद प्रकट किया एवम अपील की कि भविष्य में भी आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालतों में समाज का प्रत्येक वर्ग सकारात्मक योगदान देवें। इस दौरान बार एसोसिएशन के मीडिया सचिव अनिल सोनी सहित अनेक अधिवक्ता साथ मौजूद रहे।