

तहलका न्यूज,बीकानेर। जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल में आवारा कुत्तों के झूंड ने एक नौनिहाल पर हमला बोल दिया। इस हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हुआ है। जिसका पीबीएम में इलाज चल रहा है।बताया जा रहा है कि बच्चे के चेहरे,सिर व हाथ-पैर को कुत्तों ने नोच डाला। उसके पीठ में भी चोट आई है। मंजर यह रहा कि बच्चा चीखता रहा लेकिन स्कूल के स्टाफ को उसकी आवाज तक नहीं आई। यहां से गुजर रहे राहगीर ने बच्चे को छुडाया।जानकारी के अनुसार ऊपनी गांव के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में मंगलवार को 4 साल के मासूम को आवारा कुत्तों के झुंड ने बुरी तरह नोच लिया। कुत्तों का झुंड करीब 7 मिनट तक बच्चे के चेहरे,सिर,हाथ पैर और पीठ को नोचता रहा। इस घटना में कुत्ते मासूम के आधे सिर की चमड़ी खा गए,उसका कान काट डाला। शरीर पर जगह-जगह नोचने और काटने के निशान हैं।बच्चे को घायलावस्था में पीबीएम लाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं,सिर की चमड़ी लगाने के लिए सर्जरी करनी पड़ेगी।
भाई के साथ पहली बार स्कूल गया था
गांव ऊपनी निवासी रामप्रताप सिद्ध का 4 साल का बेटा रामू अपने बड़े भाई के साथ पहली बार स्कूल गया था। बच्चा करीब डेढ़ घंटे कक्षा में बैठने के बाद बाहर ग्राउंड में निकल आया। इसी दौरान स्कूल का मुख्य दरवाजा खुला पड़ा था,जहां से कुत्तों का झुंड स्कूल में घुस आया। इसके बाद कुत्तों ने मासूम को अकेला पाकर उसपर हमला कर दिया।
स्कूल के बाहर से निकल रहे ग्रामीण ने बचाया
कुत्तों के भौंकने और बच्चे के रोने की आवाज स्टाफ तक नहीं पहुंची। वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। बाद में परिजन बदहवास हालत में बच्चे को तुरंत पीबीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। पीबीएम के ट्रॉमा इंचार्ज डॉ.एल.के.कपिल ने बताया कि बच्चे के सिर पर गंभीर चोट आई है।स्किन ग्राफ्टिंग के लिए प्लास्टिक सर्जरी करनी होगी। उससे पहले घाव को तीन बार साफ किया जाएगा।शरीर की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। इलाज लंबा चल सकता है। एक साल का समय लगेगा,तब उसके सिर पर फिर से चमड़ी तैयार हो सकेगी।बार-बार प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ सकती है और बहुत सावधानी बरतनी होगी।
सिर की चमड़ी कुत्ते खा गए
रामू का इलाज कर रहे पीबीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ.एम.एल.काजला का कहना है कि बच्चा वैसे स्वस्थ है लेकिन जहां-जहां कुत्तों ने नोच डाला है,वहां उसकी सर्जरी होगी। खासकर उसके सिर की चमड़ी डॉग्स खा गए हैं,जिसे वापस प्लास्टिक सर्जरी से ही ठीक कि या जा सकता है।
प्रिंसिपल बोले- पहले भी की थी शिकायत
स्कूल के प्रधानाचार्य सुभाष मीणा ने बताया कि बच्चा वॉशरूम की ओर गया था और कुछ ही पलों में बाहर चला गया। घटना दुखद है। उन्होंने कहा कि स्कूल गेट के आसपास हिंसक कुत्तों की शिकायत पहले भी की गई थी। घटना की सूचना उपखंड अधिकारी,पुलिस प्रशासन और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है।
ग्रामीणों में नाराजगी,स्कूल के आगे विरोध
घटना के बाद गांव में भारी रोष है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इसे स्कूल प्रबंधन की लापरवाही बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य गेट बंद क्यों नहीं किया गया। गेट पर गार्ड क्यों नहीं था और कक्षा से गेट तक बच्चा पहु ंचा, किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया। ग्रामीणों का दावा है कि ये कुत्ते पहले भी पशुओं और एक अन्य बच्चे पर हमला कर चुके हैं।
