तहलका न्यूज,बीकानेर। औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के हितों की रक्षा करने वाले बीकानेर जिला उद्योग संघ की स्वयं की रक्षा के लिये अब व्यापारी आमने सामने हो गये है। जिसके चलते 20 मार्च को नई कार्यकारिणी के चुनाव होने जा रहे है। इस चुनाव को लेकर जहां व्यापारियों में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं जोरों पर है। वहीं सोशल मीडिया पर भी पोस्ट के जरिये जुबानी जंग की जा रही है। राजनीति में हस्तक्षेप रखने वाले व्यापारियों का मानना है यह चुनाव केन्द्रीय मंत्री व पूर्व मंत्री के समर्थकों की साख का चुनाव है। जिसमें सीधे तौर पर दोनों ही नेता हस्तक्षेप तो नहीं कर रहे। परन्तु चुनाव लड़ रहे पदाधिकारियों को अप्रत्यक्ष रूप से उनके वृद्धहस्त की बातें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि निर्वतमान अध्यक्ष डी पी पच्चीसिया को केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का नजदीकी माना जा रहा है तो सुशील थिरानी को पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला के खेमे के समर्थन का दावा है। हलचल तो इस बात की भी है कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के चुनावों की भांति यहां भी एक ही मिशन से व्यापारियों का एक खेमा काम कर रहा है। जिसके कारण यह चुनाव भी बड़ा रोचक होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

चुनावी प्रक्रिया पर उठाएं गये है सवाल
उधर पच्चीसिया के सामने चुनाव लडऩे वाले अध्यक्षीय उम्मीदवार सुशील थिरानी,उपाध्यक्ष के उम्मीदवार विनोद बाफना व अनेक कार्यकारिणी सदस्यों ने इस चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए है। रिद्धि सिद्धि भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में थिरानी ने कहा कि उद्यमी अब परिवर्तन चाहता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पच्चीसिया अति महत्वकांक्षी हो गये है। जिसके चलते वे इस पद को छोडऩा नहीं चाहते और पिछले 17 वर्षों से किसी प्रकार का चुनाव नहीं करवा रहे। अभी भी आनन फानन में चुनाव करवाकर संघ पर कब्जा कर रहे है। उनका आरोप है कि संघ के कार्मिक पच्चीसिया के लिये फोन कर वोट मांग रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति अनवरत पारदर्शक संस्था का संचालन कर रहा है,जिससे आम उद्योगपतियों की भागीदारी सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि उद्योग संघ के दरवाजे आम उद्योगपतियों के लिए लगभग बंद हो चुके हैं।

14 साल साथ काटा वनवास,अब विरोध के स्वर
प्रेस वार्ता के दौरान पिछले 14 साल से डी पी पच्चीसिया के साथ निभाने वाले अनेक पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्यों ने विरोध करते हुए कहा कि वे तानाशाही तरीके से काम कर रहे है। चुनाव से पहले न तो उन्होंने आमसभा बुलाई और न ही उनके सामने चुनाव लडऩे वालों को मोबाइल नंबरों की मतदाता सूची मुहैया करवाई। इतना ही नहीं पच्चीसिया किसी प्रकार के निर्णय में पदाधिकारियों से सलाह लेना भी उचित नहीं समझते है। आज तक संघ का लेखा जोखा तक देना उचित नहीं समझा।

भ्रष्टाचार की बात को नकारा
विरोध करने वाले सदस्यों ने पच्चीसिया के कार्यकाल के दौरान किसी प्रकार के भ्रष्टचार को तो नकार दिया। लेकिन निष्पक्ष तरीके से संवैधानिक चुनावी प्रक्रिया अपनाने को लेकर खुलकर विरोध किया। अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे सुशील थिरानी का आरोप है कि उन्होंने यह भी कहा कि दो अलग-अलग वोटर लिस्ट जारी कर मतदाताओं को भ्रमित किया गया है,जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। थिरानी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि व्यापारियों की सेवा करना मेरा मुख्य उद्देश्य है। इसी भावना के साथ मैं अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहा हूँ और बीकानेर के औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।हालांकि प्रेस वार्ता के दौरान लगाएं गये आरोप के प्रमाण नहीं दिए गये।

अस्पताल का एमओयू में मेरे हस्ताक्षर
थिरानी ने दावा किया कि मून्दड़ा ग्रुप की ओर से बनाई जा रही मेडिसिन विंग में उनका भी उतना सहयोग है,जितना पच्चीसिया का। जिस समय सरकार से एमओयू हुआ। उस एमओयू पर उनके भी हस्ताक्षर है। लेकिन वे किसी प्रकार की प्रशंसा में विश्वास नहीं रखते।

व्यापार मंडल चुनाव में साथ,अब सामने
मजे की बात तो यह है कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के चुनाव की कहानी भी कुछ इसी तरह की रही है। मंडल के लंबे समय से चुनाव नहीं होने से पीडि़त अनेक व्यापारिक संगठनों ने चुनाव करवाने को लेकर संघर्ष किया था। इसमें से कुछ जुगल राठी के साथ रहे। जो आज पच्चीसिया के साथ दिख रहे है। वहीं कुछ पच्चीसिया के साथ रहे वे अब थिरानी को सपोर्ट कर रहे है। ऐसे में व्यापारिक संगठनों में स्पष्ट तौर पर शह और मात का खेल देखने को मिल रहा है। कुछ जानकार तो व्यापार मंडल के चुनाव की तर्ज पर उद्योग संघ के चुनाव में मुद्दा बना रहे है।

उम्मीदवारों की अंतिम सूची हुई जारी
बीकानेर जिला उद्योग संघ चुनाव के मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट अजय पुरोहित ने बताया कि आज नामांकन वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई है।अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन पश्चात 20 मार्च को सुबह 9 से सांय 4 बजे तक मतदान होगा। यह मतदान 1 अध्यक्ष पद, 2 उपाध्यक्ष पद एवं 14 कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए होगा। इस चुनाव में 701 सदस्य नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। अध्यक्ष पद के लिए द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं सुशील थिरानी,उपाध्यक्ष पद के लिए अशोक सुराणा,नरेश मित्तल,विनोद बाफना व विनोद गोयल उम्मीदवार है। इसी तरह कार्यकारिणी सदस्य के लिए आनंद गांधी,अरविंद चौधरी,अशोक गहलोत,दिलीप रंगा,के के मेहता,कमलचंद बोथरा,किशनलाल बोथरा,मनोज चांडक,नरेश गोयल,निर्मल पारख,पारस डागा,पवन किशोर चांडक,राजकुमार चांडक,राजाराम सारडा, राजेश आचार्य,राकेश चलाना,राकेश कोचर,राकेश कुमार जाजू,शांतिलाल भूरा,शिवरतन पुरोहित,श्यामसुन्दर सोनी,शुभम राठी,सुरेंद्र बांठिया,वेदप्रकाश अग्रवाल,विजय जैन,विमल चौरडिय़ा,विनोद भादू,वीरेंद्र किराडू चुनाव मैदान में है। पुरोहित ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू क रवाने हेतु एम.एम.मूंधड़ा,विनोद जोशी एवं दिनेश गहलोत को सहायक चुनाव अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। मतगणना मतदान के तत्काल बाद शुरू कर चुनाव परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।