
तहलका न्यूज,बीकानेर।बेसिक पी.जी.कॉलेज एवं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय द्वारा एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन अत्यन्त भव्यता एवं शैक्षणिक गरिमा के साथ किया गया।इस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों,समाजसेवियों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास, विशिष्ट अतिथियों में प्रो.(डॉ.)उज्ज्वल कुमार कल्ला,प्रोफेसर एवं डीन,एनआईटी दिल्ली,डॉ.मंगला,सी-डैक,पंकज ओझा,डॉयचे बैंक,यूएसए, प्रो.(डॉ.) देव अरस्तु पंचारिया,प्रख्यात भौतिक विज्ञानी एवं चिंतक,डॉ.राजेन्द्र कुमार पुरोहित, प्राचार्य, डूंगर कॉलेज,मदन गोपाल व्यास,पूर्व न्यायाधीश,राजस्थान उच्च न्यायालय एवं राजेश चुरा,पूर्व गवर्नर,रोटरी क्लब सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया गयाइसके उपरांत अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान,स्मारिका विमोचन एवं गुब्बारा विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।बेसिक पी.जी.कॉलेज प्राचार्य एवं कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ.सुरेश पुरोहित ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों,विद्वानों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया और सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।उद्घाटन सत्र में विभिन्न अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षा,नवाचार,सामाजिक उत्तरदायित्व एवं समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया।वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को अनुसंधान,नैतिक मूल्यों एवं सतत विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उद्घाटन सत्र के उपरांत चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए,जिनमें समकालीन विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।वक्ताओं ने तकनीकी प्रगति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के संतुलन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि शिक्षा में नैतिकता,संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व का समावेश किया जाए,तो यह समाज को एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।प्रथम सत्र में “समकालीन संदर्भ में समग्र विकास हेतु अंतःविषय दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित इस सत्र की अध्यक्षता प्रो.(डॉ.)आर.के.पुरोहित ने की।सत्र में डॉ.श्वेत गोस्वामी, डॉ.वाई.बी.माथुर,इंजीनियर प्रशांत जोशी,भूपेंद्र मिड्ढा एवं मोहित गंभीर (ऑनलाइन) ने अपने विचार प्रस्तुत किए।द्वितीय सत्र में “विज्ञान, प्रौद्योगिकी,वाणिज्य एवं कला के माध्यम से सतत विकास” विषय पर आयोजित इस सत्र में प्रो.(डॉ.)राजाराम चोयल की अध्यक्षता में डॉ.पी.एस.वोहरा,डॉ.राजकुमार ठठेरा,चिंतन ओझा (ऑनलाइन) एवं अजयराज आचार्य (ऑनलाइन) ने महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।तृतीय सत्र में“पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु कार्रवाई” विषय पर आयोजित इस सत्र की अध्यक्षता प्रो.(डॉ.)अनिल कुमार छंगानी ने की।इसमें प्रो.(डॉ.)अभिलाषा अल्हा,श्रीमती नीलम थानवी,स्वप्निल हर्ष एवं डॉ. सी.एन.श्रीमाली ने पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।चतुर्थ सत्र में “इतिहास और प्रगति का समन्वय:सामाजिक परिवर्तन एवं समावेशी विकास” विषय पर आयोजित इस सत्र की अध्यक्षता श्रीमती रचना भाटिया ने की।सत्र में डॉ.नितिन गोयल,प्रो.(डॉ.) टी.के.जैन,अविनाश व्यास एवं श्रीराम बिस्सा ने सामाजिक विकास एवं नीति निर्माण पर विचार रखे।इन सभी सत्रों में देशभर से आए शोधार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए,जिससे ज्ञान-विनिमय एवं अकादमिक संवाद को नई दिशा मिली।वक्ताओं ने अपने उद्बोधनों में सामाजिक उत्तरदायित्व,पर्यावरण संरक्षण,डिजिटल युग की चुनौतियों तथा समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रेखांकित किया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत के युवाओं के पास अपार संभावनाएं हैं,जिन्हें सही मार्गदर्शन,अनुसंधान की प्रवृत्ति तथा नवाचार के माध्यम से सशक्त किया जा सकता है।वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को प्रेरित करते हुए आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति के लिए ही नहीं,बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज के समग्र विकास के लिए भी करें।शाम को समापन समारोह आयोजित किया गया,जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.)मनोज दीक्षित उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में प्रो.(डॉ.) उज्ज्वल कुमार कल्ला एवं डॉ.मनमोहन यादव शामिल रहे।समापन समारोह में डॉ.सुरेश पुरोहित द्वारा कॉन्फ्रेंस की प्रमुख उपलब्धियों एवं निष्कर्षों का प्रस्तुतिकरण किया गया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में इस प्रकार के आयोजनों को ज्ञान-विकास एवं सामाजिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम के अंत में रामजी व्यास द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।तत्पश्चात प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।इस कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन आयोजन समिति के संरक्षक रामजी व्यास,सह-संरक्षक डॉ.अमित व्यास,संयोजक डॉ.सुरेश पुरोहित,आयोजन सचिव डॉ.रोशनी शर्मा एवं डॉ.मुकेश ओझा सहित समस्त टीम के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का मंच संचालन विनय कुमार हर्ष एवं श्रीमती मोनिका गौड द्वारा किया गया।
