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तहलका न्यूज,बीकानेर। सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक सोमवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम सिटी रमेश देव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में एडीएम सिटी ने बताया कि वाहनों पर अनाधिकृत लाइट हटाने को लेकर पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से अभियान चलाया जाएगा। इसमें 1 से 15 अप्रैल तक लोगों को समझाइश की जाएगी। 16 अप्रैल से ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई व चालान की कार्रवाई की जाएगी।अभियान के दौरान लोगों को शहरी सीमा में अपने वाहन की लाइट लॉ बीम पर रखने को लेकर समझाइश भी की जाएगी। 16 अप्रैल के बाद हाई बीम वाहनों के चालान काटे जाएंगे।
जिले के पांच बड़े ब्लैक स्पॉट लील रहे लोगों की जिंदगियां
बैठक में आईरैड डीआरएम महेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के पांच बड़े ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं जो अब भी सड़क दुर्घटनाओं का कारण बने हुए हैं। जिसमें रायसर से बीकानेर रोड़ का पांच किलोमीटर का हिस्सा,गंगाशहर में नोखा रोड़ पर अणुव्रत मार्ग से घड़सीसर चौराहा होते हुए इनफील्ड शो रूम तक का 1.6 किलोमीटर क्षेत्र,उदयरामसर फांटे से केएमआर रेस्टोरेंट चौराहे का 600 मीटर का क्षेत्र,जयपुर-जोधपुर बाईपास पर नापासर चौराहा का 540 मीटर इलाका व नोखा रोड़ पर हियांदेसर फांटा शामिल है।एडीएम सिटी ने ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में दुर्घटनाएं रोकने को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
रायसर के पांच किलोमीटर क्षेत्र में हो रही सर्वाधिक दुर्घटनाएं व मौत
शर्मा ने बताया कि रायसर के आसपास 5 किलोमीटर सड़क बिल्कुल सीधी है बावजूद इसके पिछले तीन सालों में यहां 22 सड़क दुर्घटनाओं में 24 लोगों की मृत्यु व 15 घायल हुए। इसी तरह गंगाशहर में नोखा रोड़ पर अणुव्रत से घड़सीसर चौराहा होते हुए इनफील्ड शो रूम तक के 1.6 किमी इलाके में पिछले तीन सालों में हुई 19 दुर्घटनाओं में 12 की मौत व 17 लोग घायल, उदयरामसर फांटा से केएमआर रेस्टोरेंट बैनर के 600 मीटर क्षेत्र में 12 दुर्घटनाओं में 07 की मौत व 12 घायल, नोखा रोड़ पर हिंयादेसर फांटे पर हुई 11 दुर्घटनाओं में 14 की मौत व 09 घायल तथा जयपुर-जोधपुर बाइपास पर नापासर चौराहे पर हुई 10 दुर्घटनाओं में 10 मौत व 15 घायल हुए।
दुर्घटना संभावित इलाकों में तैनात की इंटरसैप्टर तो दुर्घटनाओं में आई कमी
आईरैड डीआरएम शर्मा ने बताया कि जयपुर के डीआईजी ट्रैफिक के दुर्घटना संभावित इलाकों में इंटरसैप्टर खड़ी करने के आदेश से उन इलाकों में दुर्घटनाओं में कमी पाई आई। इन इलाकों में पिछले वर्ष जनवरी,फरवरी में हुई दुर्घटनाओं की संख्या क्रमश 47, 61 से घटकर इस वर्ष 43, 51 रह गई।
सड़क दुर्घटनाओं में पीएम राहत योजना से डेढ़ लाख तक मिल रही कैशलेस इलाज की सुविधा
आईरैड डीआरएम ने बताया कि केन्द्र सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को तुरंत कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने को लेकर 13 फरवरी को पीएम राहत योजना लॉन्च की है।जिसमें भारत में किसी भी श्रेणी की सड़क दुर्घटना में प्रत्येक पीड़ित को 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।इसमें कैशलेस उपचार के लिए पीड़ित को दुर्घटना के 24 घंटे के अंदर पैनल अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है। जिले में अभी तक एक भी पीड़ित ने इसका लाभ नहीं लिया है।
आईरैड पेंडेंसी में आई कमी,पुलिस की अब भी 302 बरकरार
शर्मा ने बताया कि आईरैड पेंडेंसी में वर्ष 2025 में सर्वाधिक पेंडेंसी पुलिस की 228,आरटीओ बीकानेर की 168 सर्वाधिक और नोखा आरटीओ की जीरो है। शर्मा ने बताया कि पुलिस की कुल 226 पैंडेंसी में नोखा की 73 है।
सभी रोड़ एजेंसियों को एग्रीमेंट के अनुरूप रोड़ मेंटेनेंस का देना होगा सर्टिफिकेट
पी़डब्लूडी अधिशाषी अभियंता विमल गहलोत ने बताया कि सभी रोड़ ओनिंग एजेंसी पीडब्ल्यूडी,पीडब्ल्यूडी एनएच,एनएचएआई,रिडकोर,आरएसएचए,आरएसआरडीसी को मासिक जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह सर्टिफिकेट देना होगा कि उनके अधीन समस्त टोल रोड पर रोड मेंटेनेंस एग्रीमेंट के अनुरूप की जा रही है।बैठक में पीडब्ल्यूडी एनएच एसई जी.पी.एस.चौहान,सहायक अभियंता अंकित कुमार,ट्रैफिक पुलिस से मानाराम,आरयूआईडीपी से मनीष बिश्नोई, गौरव शर्मा,सीएमएचओ कार्यालय से डॉ रविन्द्र गोदारा,टोल से रिटायर्ड कर्नल एम.एस.ढाका,एनएचएआई एनएच-11 से आर.एन.सिंह,एनएचएआई से रोहित कल्ला व विनीत कुमार त्रिपाठी,एनएचएआई भारतमाला से सुमन पालित उपस्थित रहे।
