तहलका न्यूज,बीकानेर। डीजीपी राजीव शर्मा गुरूवार को बीकानेर के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने अनेक कार्यक्रमों में हिस्सेदारी निभाई। उन्होंने अश्व बल शाखा का निरीक्षण,सीसीटीएनएस ट्रेनिंग सेन्टर का निरीक्षण,पुलिस लाइन का निरीक्षण,सभी कक्षों और संधारित दस्तावेजों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उनके साथ एडीजी क्राइम विपिन पांडे,आईजी ओमप्रकाश,डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप,एसपी मृदुल कच्छावा सहित अनेक पुलिस अधिकारी थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षों,रिकॉर्ड्स और व्यवस्थाओं की गहन जांच की तथा मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।डीजीपी ने पुलिस लाइन मेस और मोटर शाखा का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मेस में जवानों को मिलने वाली डाइट के बारे में पूछा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा वाहनों की उपलब्धता और आवश्यकताओं को लेकर भी जानकारी ली।इस अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर का भी उद्घाटन किया गया।शिविर में प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.बी.एल.स्वामी,डॉ.निशांत वर्मा,डॉ.पारुल यादव,डॉ.इमरान खान,डॉ.राहुल राय,डॉ.अविनाश शर्मा,डॉ.मधुबनी रावत और डॉ.शाहीन आफताब सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे।स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में पुलिस जवानों का फिजिकल हेल्थ चेकअप किया गया। डीजीपी शर्मा ने डॉक्टरों से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और पुलिस लाइन डिस्पेंसरी के चिकित्सकों को जवानों के हेल्थ कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण और स्वास्थ्य शिविर के जरिए पुलिस जवानों की सुविधा, स्वास्थ्य और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

थाने में व्यवहार को लेकर शिकायत आना बहुत गंभीर
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस कार्मिकों के दफ्तर या थाने में व्यवहार को लेकर शिकायत आना बहुत गंभीर है। गलत व्यवहार जनता के साथ बर्दाश्त नहीं करेंगे। राजस्थान को पुलिसिंग में मॉडल स्टेट बनाना है। थाना पुलिसिंग की पहली इकाई है। थाने नागरिकों के अनुकूल हो।नागरिक,गरिमा और न्याय पहले थानों का आदर्श वाक्य होगा। उन्होंने कहा कि बीट को मजबूत किया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए बीट ऑफिसर की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर फोकस किया जाएगा। इसके लिये स्कूल स्तर पर महिला सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।आज के बदलते दौर में तकनीक पुलिस की मजबूत साथी होगी।आधुनिक निगरानी प्रणाली को और प्रभावी करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सेवा को बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाने का प्रयास होगा।शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में जवानों की पदोन्नति के मामले में पेंडिंग चल रहे थे। उन जिलों के अधिकारियों को जल्द पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश दिए। साथ ही पेंडेंसी कम करने के आदेश दिए।प्रभावी गश्त के आदेश दिए। ताकि आमजन का विश्वास बढ़े। एसएचओ-सीओ गश्त और एसपी-आईजी मॉनिटरिंग करेंगे। सड़क हादसों को कम करने के लिये भी प्रभावी कदम उठाएं जा रहे है। साथ ही हेलमेट लगाने के लिये आमजन से समझाइश भी की जा रही है।

साइबर अपराध और नशे पर लगाम लगाना फोकस
उन्होंने कहा कि अपराधी के खिलाफ सख्त व्यवहार होना चाहिए। उनके पास जो भी सपत्ति अपराध से अर्जित है,उसको जब्त किया जाए और ज्यादा से ज्यादा समय जेल में रखा जाए। डीजीपी राजीव शर्मा ने राजस्थान पुलिस के हाल ही में किए डिकॉय ऑपरेशन पर कहा कि हर गलत चीज के प्रति हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा,साइबर अपराध और नशे पर लगाम लगाना हमारा सीधा फोकस है। बीकानेर सीमावर्ती इलाका होने के कारण सतर्कता अधिक बरती जाएगी। राज्य सरकार का भी यही ध्येय है। पुलिस को लगातार ट्रेनिंग करने की आवश्यकता होती है।

विशेष ट्रेनिंग की जरूरत
उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनौतियां बढ़ रही हैं,नई-नई तकनीक आ रही है,साइबर अपराध हो रहे हैं। इनको किस तरह से अनुसंधान करना है,इन सभी के संबंध में विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की विशेष संस्था के जरिए भी ट्रेनिंग कर रहे हैं। साइबर थाने में अच्छे प्रशिक्षण वाले लोग हों। प्रत्येक थाने में दो से तीन लोग ऐसे हों जो साइबर अपराध की इन्वेस्टिगेशन की बेसिक तकनीक से अवगत हों। इस तरह का प्रयास हम कर रहे हैं।

ली संपर्क सभा
डीजीपी राजीव शर्मा ने बीकानेर प्रवास के दौरान संपर्क सभा में साथियों को बताया है कि आम आदमी के साथ हमारा किस तरह का व्यवहार होना चाहिए.पुलिस थाने में कोई व्यक्ति आ जाए तो उसे तत्काल मदद मिलनी चाहिए.ऐसा माहौल होना चाहिए कि पुलिस थाने में आने से पहले किसी व्यक्ति को सोचना नहीं पड़े. किसी की मदद नहीं लेनी पड़े, सीधा वह पहुंच जाए,इसके लिए हम प्रयासरत हैं। जनता को पुलिस थाने में फ्रेंडली एटमॉस्फेयर मिले। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों एवं रिहायशी क्षेत्रों में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों को अभय कमांड सेंटर से जोडऩे पर विशेष बल दिया,जिससे अपराधों की रोकथाम एवं निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके. फ़ोर्स मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट के साथ ही अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को अनिवार्य बताते हुए अधिकारियों को नवीन पोर्टल्स पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई।ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली के प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए जांच एवं अभियोजन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया।