


तहलका न्यूज,बीकानेर। ‘प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन’ ने आरटीई (RTE) के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं ((पी पी 3, पी पी 4 एवं पी पी 5) के भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।गुरुवार को फेडरेशन ने अतिरिक्त निदेशक (शिक्षा) शैलेंद्र देवड़ा को स्मरण पत्र देकर चेतावनी दी कि यदि 15 अप्रैल तक पुनर्भरण के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए तो प्रदेश के प्राईवेट स्कूल्स इन कक्षाओं में एक भी प्रवेश नहीं देंगे। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार अपनी “हठधर्मिता” नहीं छोड़ती है,तो स्कूल्स के पास प्रवेश रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
कोर्ट के आदेश की अवहेलना: फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि हाई कोर्ट द्वारा 8 जनवरी 2026 को भुगतान के आदेश दिए जाने के बावजूद विभाग मौन है। इसलिए विभाग को त्वरित कार्यवाही करनी चाहिए और तुरन्त ही भुगतान संबंधित दिशानिर्देश दिए जाने चाहिए।बकाया भुगतान: सत्र 2025-26 की दोनों किश्तों का भुगतान अप्रैल में एक साथ करने सहित स्मरण पत्र में सत्र 2018-19,सत्र 2019-20,सत्र 2020-21 में भुगतान हेतु लगाए गये बैरियर्स हटाकर रोका गया भुगतान तुरन्त करने की मांग की है। कोरोना के दौरान आफलाइन अध्यापन कराने वाले वाले स्कूल्स को बिना शर्त त्वरित भुगतान की मांग भी की गई है। आरटीई शुरू होने से लेकर अब तक भुगतान से वंचित या अन्य किसी तकनीकी समस्या के कारण पोर्टल पर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट अपलोड नहीं कर सकने वाले स्कूल्स को एक अवसर और देने की मांग भी इस मांग पत्र में की गई है।यूनिट कॉस्ट: पिछले पांच वर्षों से यूनिट कॉस्ट में वृद्धि न होने पर विरोध जताते हुए इसे तर्कसंगत बनाने की मांग की गई है।इस दौरान प्रभुदयाल गहलोत,तरविन्दर सिंह कपूर,अशोक उपाध्याय,रमेश बालेचा,अभिजीत व्यास,सोमेश्वर स्वामी,अमिताभ हर्ष,युवराज जैन,धर्मेंद्र कुमार शर्मा,अमित वर्मा,भरतसिंह राठौड़,मनोज अग्रवाल,कमल पंवार,मुकेश पांडेय,भंवर सिंह,बृजभूषण शर्मा,विष्णु पंवार महेन्द्र आचार्य सहित अनेक प्राईवेट स्कूल्स संचालक उपस्थित थे।
