तहलका न्यूज़,बीकानेर।  राजस्थान में मौसम ने अपना सबसे खौफनाक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जेठ के महीने में जहाँ सूरज की तपिश झुलसाती है, वहां इस बार  (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते ‘महातांडव’ शुरू होने वाला है। मौसम विभाग  ने चेतावनी दी है कि कल, यानी 4 मई का दिन सबसे भारी होने वाला है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर संभाग में आने वाले सात दिन भारी रहने वाले हैं। उसके बाद फिर से हीटवेट शुरू हो जाएगी।मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, एक नया और बहुत पावरफुल पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। इसके असर से जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, और अजमेर  संभाग में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और तूफान आने की प्रबल संभावना है। यह तूफान इतना ताकतवर हो सकता है कि पेड़ और बिजली के पोल तक उखड़ सकते हैं। शनिवार की रात को आए तूफान में पहले ही तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जयपुर और दौसा में पेड़ों के साथ ही मकानों को भी नुकसान हुआ है। सोमवार को आने वाला तूफान शनिवार की रात वाले तूफान से भी तेज होने का अलर्ट जारी किया जा चुका है।

10 मई तक ‘राहत’ और ‘आफत’ साथ-साथ

जहां एक तरफ तूफान का डर है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेशवासियों को Heatwave से बड़ी राहत मिलने वाली है। अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा। लू के थपेड़ों से परेशान लोगों के लिए यह बारिश सुकून लेकर आएगी, लेकिन आंधी की वजह से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान के अधिकतर जिलों में अब तापमान करीब चालीस डिग्री के नजदीक रहने वाला है। दस मई तक ऐसा ही संभव है। उसके बाद फिर से हीटवेव की चेतावनी जारी है। इस दौरान तापमान फिर से चालीस से 45 डिग्री या उससे भी ज्यादा जा सकता है। जैसलमेर, बाड़मेर , जोधपुर जैसे शहरों में इस साल की सबसे भीषण गर्मी देखने को मिल सकती है।

संभागवार मौसम का हाल (4 मई से 10 मई):

  • 04-05 मई: जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग में भारी बारिश और आंधी का Orange Alert।
  • 06-07 मई: उदयपुर संभाग में भी मेघगर्जन और हल्की बारिश की एंट्री।
  • 08-10 मई: जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

Weather Expert की सलाह: संभल जाएं इन शहरों के लोग

मौसम विभाग ने साफ किया है कि Dust Storm और Thunderstorm की तीव्रता 4 मई को अपने पीक पर होगी। जयपुर और टोंक जैसे जिलों में  (आकाशीय बिजली) गिरने का भी खतरा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी के दौरान कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।