तहलका न्यूज,बीकानेर।महाराजा गंगासिंह विवि में विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते उनके अनेक क्रियाक लपों पर सवाल खड़े हो रहे है। अब विवि के सोशल मीडिया अकाउंट पर स्वयं विवि की ओर से संदेह जताते हुए सूचना जारी की है। जिसको देखकर लगता है कि आखिर ऐसा कौन है जो एमजीएसयू के नाम से फेसबुक,एक्स,इन्टाग्राम,यूटयूब और वाट्सएप की आईडी चला रहा है। जब बीकानेर तहलका ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया है कि एमजीएसयू बीकानेर के नाम से दो फेसबुक अकाउंट है। इसमें से एक लगातार संचालित हो रहा है और दूसरा काफी लंबे समय से संचालित नहीं किया जा रहा है।

सख्त कार्रवाई की जारी की सूचना
उधर एमजीएसयू की ओर से मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी कर विवि के नाम,लोगो एवं पहचान का दुरूपयोग कर संचालित किये जा रहे अनाधिकृत सोशल मीडिया खातों,पेज एवं चैनलों के मिलते जुलते पेजों को संचालित करने वालों को हिदायत देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विवि ने आशंका जताई है कि ऐसे खातों के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं प्रसारित कर विद्यार्थियों एवं आमजन को भ्रामक सूचनाएं देकर धोखाधड़ी तथा वित्तीय ठगी की जा सकती है।इससे न केवल विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं,बल्कि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच सकता है।सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट किया गया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था विश्वविद्यालय के नाम,लोगो अथवा पहचान चिह्न का उपयोग कर बिना लिखित अनुमति सोशल मीडिया अकाउंट या चैनल चला रहे हैं,वे 15 दिनों के भीतर ऐसे सभी अकाउंट स्वयं बंद या डिलीट कर दें।तय समयावधि में अनुपालन नहीं होने पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।विश्वविद्यालय प्रशासन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने पर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।विश्वविद्यालय ने बताया कि उसके अधिकृत और सत्यापित सोशल मीडिया खातों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।विद्यार्थियों और आमजन से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें।किसी भी संदिग्ध या अनधिकृत अकाउंट की सूचना विश्वविद्यालय के ई-मेल mgscomplaint@mgsubikaner.ac.in पर देने का आग्रह किया गया है।साथ ही शिक्षकों,विद्यार्थियों और आमजन से कहा गया है कि ऐसे फर्जी खातों को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “Fake Account” या “Impersonation” के रूप में रिपोर्ट करें, ताकि उनके खिलाफ शीघ्र कार्रवाई हो सके।