तहलका न्यूज,बीकानेर।राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य (रेसा-पी) ने पदोन्नत प्रधानाचार्यों की चयन तिथि अंकन का कार्य लंबित रहने पर शिक्षा निदेशालय पर सांकेतिक धरना देते हुए चेतावनी दी है कि अगर 28 जून तक इस मांग का निस्तारण नहीं हुआ तो स्कूलों के खुलने के साथ ही आन्दोलन का आगाज होगा।संघ के प्रमोद मिश्रा ने बताया कि शिक्षा मंत्री और शासन स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद निदेशालय स्तर पर पदोन्नति तिथि अंकन का कार्य अब तक पूरा नहीं किया गया है।सरकार की मंशा और सचिव स्तर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निदेशालय के कार्मिकों द्वारा कार्य नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।वर्ष 2015-16 से 2019-20 के बीच पदोन्नत हुए हजारों प्रधानाचार्य आज भी अपने सेवा अभिलेखों में पदोन्नति तिथि अंकन से वंचित हैं।इससे उन्हें वेतन निर्धारण,एरियर तथा अन्य वित्तीय लाभों में नुक सान उठाना पड़ रहा है।प्रधानाचार्यों का कहना है कि पदोन्नति तिथि अंकन नहीं होने से उनकी वरिष्ठता एवं सेवा संबंधी अन्य मामलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।इससे प्रधानाचार्य वर्ग में भारी नाराजगी और असंतोष व्याप्त है।
हजारों प्रधानाचार्य अब भी चयन तिथि अंकन से वंचित
मिश्रा ने बताया कि सत्र 2017-18 में पदोन्नत हुए 1970 प्रधानाचार्यों में से केवल कुछ की पदोन्नति तिथि 1 अप्रैल 2017 का अंकन वर्ष 2022 में किया गया था,जबकि शेष हजारों प्रधानाचार्य आज भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं।उन्होंने कहा कि 3 मार्च 2015 को वित्त विभाग द्वारा 4999 प्रधानाचार्य पदों की स्वीकृति दिए जाने के बावजूद निदेशालय स्तर पर कार्यवाही में शिथिलता बरती गई।संगठन का आरोप है कि डीपीसी विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण करीब 8000 प्रधानाचार्यों का चयन तिथि अंकन लंबित पड़ा हुआ है।
वित्तीय नुकसान की आशंका जताई
आन्दोलनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा 5 मई 2026 को जारी परिपत्र और माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा 22 मई 26 को जारी आदेशों के तहत विभागीय कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की पुन:जांच की जानी है। ऐसे में चयन तिथि अंकन नहीं होने के कारण प्रधानाचार्यों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।संघ ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
29 जून से अनिश्चितकालीन आन्दोलन की चेतावनी
रेसा-पी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी तीन सप्ताह में चयन तिथि अंकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो 29 जून से शिक्षा निदेशालय पर आवश्यकता पडऩे पर नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से निदेशालय पर आमरण अनशन और अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
