तहलका न्यूज,बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का मामला अब तूल पकडऩे लगा है। परिजनों का विरोध झेल रहा पीबीएम प्रशासन के सामने अब कांग्रेस का समर्थन भारी पडऩे लगा है। जिसके चलते कांग्रेसजनों ने दोनों प्रसूताओं के परिजनों के साथ पीबीएम परिसर से जिला कलक्ट्रेट तक थाली कटोरा में न्याय की भीख मांगते पैदल मार्च करते कलक्टर कार्यालय पहुंचे और सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेसजनों की पुलिस से बहसबाजी भी हुई। बताया जा रहा है कि कलेक्टर से कटोरा लेकर मिलने क ी गुजारिश की तो पुलिस प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। ऐसे में,परिजन अस्पताल की सीढिय़ों पर ही बैठ गए। नारेबाजी की और कटोरे सीढिय़ों पर रख लौट गए। इस प्रदर्शन में शारदा के पिता हीरालाल नायक और 3 साल की बेटी बिंदिया भी शामिल रही। वहीं प्रीति नायक के पति कमल नायक भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
ये रहे प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल,देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग,जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल,महिला शहर अध्यक्ष शशिकला राठौड़,एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा,यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भंवर कूकणा,डॉ.प्रीति मेघवाल,मुमताज शेख,श्रीराम भादू,आनन्द सिंह सोढ़ा,तोलाराम सियाग,रामनिवास तर्ड,सीताराम नायक,पन्नालाल नायक,मनोज नायक,नितिन वत्सस,कोडाराम भादू,आनन्दकुमार जोशी,पूनमचन्द भाम्भू, राजेन्द्र बापेऊ,लक्ष्मी गुप्ता,निरमा मेघवाल,सुमित वल्लभ कोचर,सलीम भाटी,विजयसिंह शेखावत,शैलेन्द्र कुमार यादव,रिछपाल सीगड़,धनसुख आचार्य,राहुल जादूसंगत,राजकुमार सैन,भीखाराम मेघवाल,हंसराज बिश्नोई,दिनेश मीणा ,शिवदान मेघवाल,ओम जनागल, पन्नाराम नायक,एड.मनोज मारू,अम्बाराम इणखिया,चरणजीत,शिवप्रसाद ज्याणी,मेघराज,विनयकुमार आचार्य,अभिशेक सिंह शेखावत,कमल गोयल,राजेश गोदारा,भंवरलाल जाट,राजकुमार देवड़ा, रितिक कंडारा,अनिल सियोता आदि सहित मृतक शारदा के परिजन व अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहें।
तीन दिन बाद भी नहीं उठाया शव
प्रसूता शारदा नायक की मौत के 3 दिन बाद भी परिजनों ने उसका शव नहीं उठाया है। परिजनों ने शव लेने से इनकार कर रखा है और मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जहां पुलिस ने उन्हें कले क्टर कार्यालय परिसर के बाहर ही रोक दिया।पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूता शारदा नायक की 21 जून को मौत हो गई थी। इससे पहले 18 जून को प्रीति नायक की भी मौत हो गई थी। प्रीति के परिजन पोस्टमार्टम के बाद उसका शव सूरतगढ़ ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन शारदा के परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया। इसी कारण अब तक उसका पोस्टमॉर्टम भी नहीं हो पाया है।
संभागीय आयुक्त और परिजनों के बीच हो चुकी है बातचीत
मामले के समाधान के प्रयासों के तहत पुलिस,प्रशासन,कांग्रेस नेताओं और शारदा के परिजनों के बीच एक बैठक सोमवार को हुई। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा की मौजूदगी में हुई इस वार्ता में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई,लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।परिजन शव उठाने के लिए तैयार नहीं हुए और मामला जस का तस बना रहा। अब मंगलवार को भी इस पर निर्णय नहीं हो सका।
