तहलका न्यूज,बीकानेर।केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू किए गए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस संबंधी आदेशों के कारण बीकानेर क्षेत्र में गुड्स व्हीकलों के नेशनल परमिट जारी करने की प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। परिवहन विभाग की अधूरी तैयारियों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में सैकड़ों वाहन मालिकों एवं ट्रांसपोर्टर्स को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार पुराने वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने की अनिवार्यता तो लागू कर दी गई है,लेकिन राजस्थान के परिवहन कार्यालयों में इस कार्य हेतु अधिकृत कंपनियों के चयन एवं मानकों की प्रक्रिया अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।इसके चलते बीकानेर आरटीओ कार्यालय में सैकड़ों नेशनल परमिट आवेदन लंबित पड़े हैं तथा पिछले लगभग एक माह से नए परमिट जारी नहीं हो पा रहे हैं।व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस फिटमेंट की व्यवस्था एवं ऑनलाइन प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिकों में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।दूसरी ओर बिना परमिट वाहन संचालन करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान होने से वाहन मालिक आर्थिक एवं प्रशासनिक दबाव झेल रहे हैं।वहीं परिवहन उद्योग को प्रतिदिन लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है तथा माल परिवहन व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।इसके अतिरिक्त व्यवसायिक वाहनों जैसे बस,ट्रक,पिकअप एवं अन्य मालवाहक वाहनों के पुन:पंजीयन संबंधी कार्य भी लंबे समय से बाधित हैं।वाहन सिटीजन पोर्टल पर इस सेवा का विकल्प उपलब्ध नहीं है तथा परिवहन विभाग द्वारा कार्यालय स्तर पर इनवार्ड अथवा वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। परिणामस्वरूप वाहन मालिक निर्धारित समय पर अपने वाहनों का पुन:पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं।इस प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है।पुन:पंजीयन नहीं होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों एवं टोल प्लाजा पर वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं तथा अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई जा रही है।वाहन मालिकों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं
इस संबंध में बीकानेर बार एसोसिएशन से जुड़े एडवोकेट हनुमान प्रसाद शर्मा,एडवोकेट बनवारी,हरिराम जालप,प्रेम विश्नोई एवं सुरेंद्र विश्नोई के शिष्टमंडल ने राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर अपनी चिंता व्यक्त की है।ज्ञापन में कहा गया है कि जब परिवहन विभाग द्वारा अब तक अधिकृत एजेंसियों का निर्धारण ही नहीं किया गया है,तब वाहन मालिक व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस उपकरण कहां और किस माध्यम से लगवाएं,यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। शिष्टमंडल ने कहा कि एक ओर सरकार एवं परिवहन विभाग नई व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से लागू कर रहे हैं,वहीं दूसरी ओर उनकी क्रियान्विति के लिए आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।इसका सीधा नुकसान वाहन मालिकों,ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं आम जनता को उठाना पड़ रहा है।बीकानेर सिटीजन एसोसिएशन एवं बीकानेर बार एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस संबंधी स्पष्ट एसओपी जारी कर अधिकृत एजेंसियों का तत्काल निर्धारण किया जाए,लबित नेशनल परमिट आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा पुन:पंजीयन संबंधी सेवाओं को तत्काल प्रारंभ कर वैकल्पिक ऑफलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए ताकि वाहन मालिकों को अनावश्यक चालान,पेनल्टी एवं आर्थिक नुकसान से राहत मिल सके।