तहलका न्यूज,बीकानेर।इस्लाम के पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की याद में गुरूवार की शाम नगर के विभिन्न मौहल्लों में ताजिये जियारत के लिए रखे गए।कर्बला स्थित हजरत इमाम हुसैन के रोजा-ए-मुबारक के रूप में ताजियों की जियारत के लिए अकीदतमंद उमड़े।ताजियों की जियारत के लिए देर रात तक भीड़ रही।मौहल्ला कमेटियों की ओर से मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था,भीड़ नियंत्रण एवं मार्गदर्शन के प्रबंधन किए गए।पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।मोहर्रम के अवसर पर छोटे बच्चों की ओर से छोटे ताजिये मेहन्दी बनाए गए।ताजियों और मेहन्दी पर अकीदतमंदों ने शीरनी चढ़ाई व मन्नते मांगी।वहीं मौहल्लों में कमेटियों की ओर से सबील,हलीम का वितरण जायरीनों में किया गया।खीर,हलुआ,चाय का वितरण भी किया गया ।

कही मिट्टी तो कही रुई और सरसों का हरियल ताजिया
मोहर्रम पर सर्वाधिक ताजिये मौहल्ला चूनगरान में निकले।यहां सरसों का हरियल ताजिये आकर्षण का केन्द्र रहे।वहीं ताजियों पर सुनहरी कलम से श्रद्धा के भाव नजर आए।सोनगिरी कुंआ क्षेत्र में मिट्टी का ताजिया,लक्ष्मीनाथ मंदिर रोड पर रुई का ताजिया बनाया गया।मौहल्ला उस्तान में मुगल कला की छटा ताजिये पर नजर आई।मौहल्ला न्यारियान,तेलीवाडा,दाउजी मंदिर,महावतपुरा,कस्साबान,खटीकान,फड़बाजार,पठानों का मौहल्ला,दमामियान,हमालान,धोबी तलाई,सर्वोदय बस्ती,रामपुरा बस्ती,भिश्तियान,गूजरान सहित विभिन्न मौहल्लों में ताजियों की जियारत के लिए देर रात तक भीड़ रही।

शुक्रवार को निकलेगा जुलूस
शुक्रवार को सुबह आस पास के मोहल्लों में ताजिये गश्त पर निकलेंगे,फिर ताजियों को मकामी स्थान पर बिठाया जाएगा।दिन भर जियारत का दौर चलेगा।श्रद्धालु सीरनी चढ़ाएंगे। दिन भर जियारत के बाद शाम को ताजियों का जुलूस निकलेगा।मातमी माहौल में शहर की पुरानी कर्बला शीतला गेट के बाहर जनता प्याऊ क्षेत्र,चूनगरान तलाई चौंखूटी कर्बला,कसाबान कर्बला आदि में परम्परानुसार ताजिये ठंडे किए जाएंगे।आशूरा का दिन में रोजा रखा जाएगा व आशूरा के नवाफिल पढ़े जाएंगे।इससे पहले अच्छे व कलात्मक ताजिया निर्माताओं का सम्मान भी किया जाएगा।

ताजियों के नीचे से निकलेंगे,चढ़ाएंगे सीरनी
शहर में हिन्दू समाज के लोगों में भी ताजियों के प्रति गहरी आस्था व श्रद्धा भाव है।छोटे बच्चों की लम्बी आयु व उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर बच्चों को ताजियों के नीचे से निकाला जाएगा व सीरनी चढ़ाकर मन्नते मांगी जाएगी।