तहलका न्यूज,बीकानेर। शहर के कोटगेट थाना क्षेत्र में आत्महत्या प्रकरण में न्यायालय के आदेश पर ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।परिवादी सोनी ने आरोप लगाया है कि उसका सगा भाई सुरेश कुमार सोनी पिछले कई वर्षों से अपनी पत्नी के पीहर पक्ष की ओर से मानसिक,आर्थिक और शारीरिक प्रताडऩा का शिकार था।शिकायत में परमेश्वर सोनी,अशोक सोनी सहित अन्य लोगों पर साझा आपराधिक षड्यंत्र के तहत लगातार प्रताडि़त करने,संपत्ति पर कब्जा करने का दबाव बनाने और ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया है,जिसके चलते सुरेश कुमार ने 22 मई 2026 को आत्महत्या कर ली।परिवाद के अनुसार सुरेश कुमार की शादी लगभग 25-26 वर्ष पूर्व चन्द्रकान्ता से हुई थी।दोनों की तीन संतानें हैं,जिनमें दो बेटियों का विवाह हो चुका है।आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही पत्नी अपने पीहर पक्ष के प्रभाव में रहने लगी और परिवार में लगातार विवाद होने लगे।स्थिति को देखते हुए सुरेश को उसके पैतृक मकान में अलग रहने की व्यवस्था कर दी गई,लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष का हस्तक्षेप लगातार जारी रहा,जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा और उसका व्यवसाय भी प्रभावित हुआ।शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों का मुख्य उद्देश्य सुरेश और उसके भाइयों की पैतृक संपत्ति पर नियंत्रण स्थापित करना तथा सुरेश को आर्थिक रूप से कमजोर करना था।आरोप है कि ससुराल पक्ष ने दबाव बनाकर सुरेश से पैतृक संपत्ति का बंटवारा और विक्रय करवाया तथा बाद में उसकी पत्नी के नाम गंगाशहर रोड स्थित नई संपत्ति खरीदवाई।यह संपत्ति 23 मार्च 2026 को पंजीकृत कराई गई,जिसका भुगतान भी सुरेश ने दबाव में किया।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में मारपीट
परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा लंबे समय तक मानसिक उत्पीडऩ,आर्थिक शोषण,सामाजिक अपमान और धमकियों का सिलसिला चलता रहा।शिकायत में यह भी कहा गया है कि 18 मई 2026 को सुरेश कुमार को फोन कर बीदासर बारी स्थित परमेश्वर सोनी के घर बुलाया गया,जहां परमेश्वर,अशोक सोनी तथा अन्य लोगों ने कथित रूप से दो पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की।परिवाद के अनुसार मारपीट के दौरान उसके पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।बाद में उसे पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाकर उपचार कराया गया।आरोप यह भी लगाया गया है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कराने की धमकी दी।शिकायत के अनुसार 22 मई 2026 को पुलिस कर्मचारी ने परिवादी को फोन कर सूचना दी कि सुरेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में बीदासर बारी स्थित किराये के मकान में मौत हो गई है।परिवादी का आरोप है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं है,बल्कि उसके भाई की हत्या की गई अथवा लगातार प्रताडऩा और मारपीट के कारण उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया।परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के दौरान उसने जांच अधिकारी से हत्या का मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी,लेकिन उसकी शिकायत मौके पर स्वीकार नहीं की गई।इसके बाद उसने कोटगेट थानाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत दी,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।अंतत: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस थाना ने परिवादी लक्ष्मण कुमार सोनी की शिकायत पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामले की जांच एएसआई जिलेसिंह को सौंपी गई है।
