तहलका न्यूज,बीकानेर। राजस्थान में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए राजस्थान पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में 16 जुलाई तक 15 दिवसीय विशेष हेलमेट जागरूकता और परिवर्तन अभियान शुरू किया गया है।अभियान का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और मृत्युदर को 50 प्रतिशत तक कम करना है। एडीजी ट्रैफिक बीएल मीणा ने प्रदेश के पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस अधीक्षकों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दुपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले सहयात्रियों द्वारा हेलमेट न पहनने के कारण सिर की गंभीर चोटों से होने वाली मौतों और विकलांगता के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।अभियान के तहत लोगों को हेलमेट के फायदे और न पहनने के नुकसान के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस के साथ अन्य विभागों का सहयोग
एडीजी ट्रैफिक ने बताया कि 15 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान पुलिस अकेले काम नहीं करेगी, बल्कि परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग,पंचायती राज संस्थाएं,स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।ग्राम पंचायत,विद्यालय,कॉलेज,प्रमुख बाजार,चौराहे,ग्रामीण हाटों और सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक,सड़क सुरक्षा शपथ रैली,प्रचार वाहन और ग्राम सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर प्रचार
सोशल मीडिया और धरातल पर”बिना हेलमेट नहीं, सफर चालक और सहयात्री दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य और “आईएसआई मार्क हेलमेट ही जीवन रक्षा का साधन”जैसे संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा.ओवर स्पीड, रॉन्ग पार्किंग और लेन सिस्टम तोडऩे वालों पर भी गाज गिरेगी। राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि स्वयं भी हेलमेट पहनें, अपने परिवार और सहयात्रियों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सुरक्षित राजस्थान के निर्माण में भागीदार बनें।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि स्वयं भी हेलमेट पहनें,अपने परिवार और सहयात्रियों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर सुरक्षित राजस्थान के निर्माण में भागीदार बनें।
