तहलका न्यूज,बीकानेर।बेसिक पी.जी. कॉलेज में आज ‘नवचेतना’ छात्र अभिमुखीकरण एवं प्रेरणा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान हुआ।कार्यक्रम में कोलायत केवीएसएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं राजस्थान प्रशासनिक सेवा वर्ष 2012 बैच के अधिकारी भरत कुमार थानवी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।थानवी का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।स्वागत उद्बोधन में वरिष्ठ व्याख्याता डॉ.रोशनी शर्मा ने कहा कि ‘नवचेतना’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास,सकारात्मक दृष्टिकोण,नेतृत्व क्षमता तथा जीवन मूल्यों का विकास करना है,ताकि वे अपने शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर सकें।अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में थानवी ने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा का परिणाम नहीं होती,बल्कि अनुशासन,निरंतर अभ्यास,समय का सदुपयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतिफल होती है।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करें।उन्होंने कहा कि असफलताएँ जीवन का अंत नहीं,बल्कि सफलता की ओर बढ़ने वाली महत्वपूर्ण सीढ़ियाँ हैं।यदि व्यक्ति हर चुनौती को सीखने के अवसर के रूप में स्वीकार करता है,तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, समसामयिक घटनाओं की जानकारी,आत्मविश्लेषण तथा सकारात्मक मानसिकता अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचते हुए पुस्तकों,समाचार-पत्रों तथा गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री के माध्यम से ज्ञानार्जन करने की प्रेरणा दी।थानवी ने अपने प्रशासनिक जीवन के अनेक प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियाँ व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारती हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सदैव ईमानदारी,संवेदनशीलता,सेवा भावना और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं।उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा केवल अपने परिवार का ही नहीं,बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं।इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाजहित एवं राष्ट्रहित में करना चाहिए।विशेषज्ञ सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी,करियर चयन,समय प्रबंधन,आत्मविश्वास,व्यक्तित्व विकास तथा प्रशासनिक सेवाओं में अवसरों से जुड़े अनेक प्रश्नों का श्री थानवी ने अत्यंत सरल,व्यवहारिक एवं प्रेरक शैली में उत्तर दिया।उनके अनुभवों एवं मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा,स्पष्ट दिशा और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प प्रदान किया।उपस्थित विद्यार्थियों ने इस विशेषज्ञ सत्र को अत्यंत प्रेरणादायी,ज्ञानवर्धक एवं जीवनोपयोगी बताते हुए कहा कि कार्यक्रम से उन्हें अपने करियर एवं जीवन के प्रति नई सोच,नई प्रेरणा और सफलता की स्पष्ट दिशा प्राप्त हुई।संचालन व्याख्याता सुश्री चेताली पुरोहित एवं सुश्री आकांक्षा सुथार द्वारा किया गया।व्याख्याता डॉ.मुकेश ओझा,वासुदेव पंवार,श्रीमती माधुरी पुरोहित,श्रीमती प्रभा बिस्सा,सौरभ महात्मा, श्रीमती सीमा शर्मा,श्रीमती कामिनी व्यास,श्रीमती जयन्ति पुरोहित,डॉ.रश्मि आचार्य,श्रीमती सोमू भाटी,सचिन पंवार,पवन अनवाल,योगेश पुरोहित,शिवशंकर उपाध्याय,राजीव पुरोहित,हिमांशु बिदावत,रामकुमार भादाणी,सुश्री गीता, चंचल किराडू आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।