तहलका न्यूज,बीकानेर।चौखूंटी पुल क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है।जहां लंबे समय से जारी रास्ते की समस्या से परेशान होकर दो लोग मोबाइल टावर पर चढ़ गए।टावर पर चढऩे वालों में पूर्व बीजेपी सोशल मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत और उनके साथी अयूब कायमखानी शामिल हैं।बता दें कि दोनों प्रदर्शनकारी चौखूंटी रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित टॉवर पर चढ़े और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।विक्रम सिंह राजपूत ने टावर से अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा,मेरी मांग जब तक पूरी नहीं होगी,मैं नीचे नहीं उतरूंगा।अगर मुझे कुछ भी होता है तो इसके जिम्मेदार प्रशासन और गांव के सरपंच व उप-सरपंच होंगे।स्थानीय निवासियों के अनुसार,चौखूंटी क्षेत्र में लंबे समय से रास्ते की विकट समस्या बनी हुई है,जिसकी ओर बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद प्रशासन और जन प्रतिनिधियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।उपेक्षा से आक्रोशित होकर नेताओं को यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।जैसे ही दो लोगों के टावर पर चढऩे की सूचना मिली, मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ इक_ा हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा दोनों को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

10 दिन में अतिक्रमण हटाने का मिला आश्वासन
अतिक्रमण के मुद्दे पर मोबाइल टावर पर चढ़े भाजपा नेताओं को आखिरकार पुलिस और प्रशासन ने समझाइश कर सुरक्षित नीचे उतार लिया।बीते दिन अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस न पहुंच पाने की घटना से नाराज होकर सोशल मीडिया प्रभारी विक्रम राजपुरोहित और भाजपा कार्यकर्ता नेता अयूब कायमखनी टावर पर चढ़ गए थे।घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी अनुज डाल,तहसीलदार महेंद्र रत्नु और सीआई प्रदीप चारण मौके पर पहुंचे।भाजपा नेता वेदव्यास और भगवान सिंह मेड़तिया की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता की।प्रशासन ने 10 दिनों के भीतर अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने और आवश्यकता पडऩे पर अवैध निर्माण ढहाने का लिखित आश्वासन दिया,जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।