तहलका न्यूज,बीकानेर।बीमा कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ AIIEA ने NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्यवाही पर विरोध प्रकट किया है।संगठन की बीकानेर मण्डल इकाई के मण्डल सचिव कॉम शौकत अली पंवार ने बताया कि अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ (AIIEA) राष्ट्रीय राजधानी में NEET-2026 तथा अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करता है।अपनी लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के अधिकार का प्रयोग कर रहे छात्रों के विरुद्ध बल प्रयोग अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।यह किसी से छिपा नहीं है कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,पिछले एक दशक में भारत में आयोजित 150 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं।इंडियन एक्सप्रेस द्वारा हाल ही में 45 प्रमुख प्रश्नपत्र लीक मामलों की स्थिति पर की गई जांच से पता चला है कि इनमें से केवल दो मामलों में ही दोषसिद्धि हो सकी है। यह तथ्य सरकार के दावों और न्याय की वास्तविक स्थिति के बीच की गहरी खाई को उजागर करता है। यह तब है, जबकि सरकार ने स्वयं दावा किया था कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए उसने “धुरंधर” (विशेषज्ञ) वकीलों की नियुक्ति की है।शिक्षा व्यवस्था का संकट केवल प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है,बल्कि अब यह सरकार की नीतियों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।यह उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट में शिक्षा मंत्रालय की हिस्सेदारी वर्ष 2013-14 में 4.6 प्रतिशत थी,जो घटकर 2025-26 में 2.5 प्रतिशत रह गई है।विद्यालयी शिक्षा विभाग का बजटीय हिस्सा 12 वर्ष पहले की तुलना में आधे से भी कम रह गया है,जबकि उच्च शिक्षा विभाग की हिस्सेदारी भी पहले की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत ही रह गई है।ऐसे में भारत को “विश्वगुरु” बनाने के दावों की वास्तविकता स्वयं स्पष्ट हो जाती है।संगठन की बीकानेर मण्डल समिति के मण्डल अध्यक्ष कॉम राकेश जोशी ने बताया कि संगठन मानता है कि संगठन छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे निष्पक्ष,पारदर्शी और स्वतंत्र जांच के पात्र हैं।सरकार को पुलिस बल का सहारा लेने के बजाय छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए तथा उनकी जायज़ चिंताओं का समाधान करना चाहिए।AIIEA न्याय और निष्पक्षता की उनकी लड़ाई में छात्रों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता है तथा सरकार से आग्रह करता है कि वह छात्रों के साथ सार्थक और रचनात्मक संवाद शुरू करे,ताकि इस मुद्दे का न्यायसंगत, संतुलित और स्थायी समाधान निकाला जा सके।
