तहलका न्यूज,बीकानेर।जिले के बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हेरोइन और विदेशी हथियारों की तस्करी का मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस ने बुधवार को उसे पंजाब में अमृतसर के जामनगर हाईवे से पकड़ा।सदर थाना सभागार में प्रेस को जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि वह पंजाब से जोधपुर आने की तैयारी कर रहा था।पुलिस के अनुसार,2024-25 में राकेश एक साल तक पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद था।इस दौरान जेल से ही नेटवर्क चला रहा था।वह 13 महीने से भारत के अलग-अलग राज्यों में फरारी काट रहा था।पुलिस की पूछताछ में उसने ऐशो-आराम की जिंदगी और तस्करी के नेटवर्क को लेकर बड़े खुलासे किए हैं।वह तस्करी के पैसों से आलीशान जीवन जीता था।वह खुद सामने कम आता था। अपने साथियों से बॉर्डर पार से आने वाली खेप उठवाकर पंजाब तक सप्लाई करवाता था।पाली के चौपड़ा के रहने वाले राकेश ने ‘दुबई किंग और ‘सरकार नाम से सोशल मीडिया पर गु्रप बना रखे थे।वह पैसों,​हथियारों,हथौड़ों के साथ अपनी फोटो और शायरी लिखकर शेयर करता था।

4 राज्यों में 22 मामले दर्ज
कच्छावा ने बताया कि मास्टरमाइंड प्रजापत के खिलाफ राजस्थान,पंजाब,गोवा और कर्नाटक में कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसकी तलाश बीकानेर,पाली,ब्यावर,पंजाब और गोवा पुलिस कर रही थी।गिरफ्तारी पर बीकानेर रेंज आईजी ने 50 हजार और पाली पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

पंजाब की जेल से चल रहा था सिंडिकेट
एसपी ने बताया कि वीरेन्द्र से पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का पूरा सिंडिकेट पंजाब की फरीदकोट जेल से संचालित हो रहा था।वहीं से पाकिस्तानी तस्करों तक हवाला के जरिए रकम पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही थी। पूछताछ में वीरेन्द्र ने बताया कि उसने कुछ साल पहले राकेश प्रजापत से एक लाख रुपए उधार लिए थे,जिन्हें वह लौटा नहीं पा रहा था। राकेश ने कर्ज माफ करने के साथ 50 हजार रुपए अलग से देने का लालच दिया। इसी लालच में वह पाली से बीकानेर पहुंचा। ड्रोन से आई ड्रग्स और हथियारों की खेप उठाने के लिए तैयार हो गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में राजस्थान के और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पाली जिले के कई बदमाश भी पुलिस की निगरानी में हैं।

2 अगस्त को पकड़ी थी 50 करोड़ की हेरोइन और हथियार
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि 2 अगस्त को खाजूवाला के चक 6 बीडी में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपए की हेरोइन,11 पिस्टल और 100 कारतूस जब्त किए थे।इनके साथ ब्यावर के जैतारण निवासी वीरेन्द्र राजपुरोहित को गिरफ्तार किया था।वह वर्तमान में जोधपुर में रह रहा था।वीरेन्द्र से पूछताछ में सामने आया था कि उसे यह खेप लेने के लिए पाली के चौपड़ा के रहने वाले राकेश प्रजापत ने भेजा था।राकेश पहले भी पूगल में पकड़ी गई 70 करोड़ रुपए की हेरोइन तस्करी का मुख्य आरोपी रह चुका है।

फोन कर ड्रग्स और हथियार लाने की ली जिम्मेदारी
एसपी ने बताया कि रिमांड पर चल रहे वीरेन्द्र ने पूछताछ में बताया कि उसकी और राकेश की पहचान साल 2018 में बेंगलुरु (कर्नाटक) में हुई थी। 15 जुलाई 2026 की शाम राकेश ने जलालाबाद (पंजाब) से वर्चुअल नंबर के जरिए उसे फोन किया। उसने कहा कि पाकिस्तान से खाजूवाला बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हेरोइन और अवैध हथियार आने वाले हैं,जिन्हें उठाकर पंजाब पहुंचाना है।इसके बाद वह अपनी बुआ के लड़के की बाइक लेकर 18 जुलाई को खाजूवाला पहुंचा। बॉर्डर इलाके की रेकी की।फिर 1 अगस्त को दोबारा वहां पहुंचा।चक 6 बीडी से 10 किलो हेरोइन,11 पिस्टल,33 मैगजीन और 100 कारतूस लेकर रवाना हुआ।लेकिन पुलिस ने उसे 32 हेड के पास गिरफ्तार कर लिया।

दो बड़े मामलों में नाम सामने आया
एसपी ने बताया कि राकेश का नाम अप्रैल 2026 में खाजूवाला-पूगल मार्ग पर स्कूटी से बरामद 14 किलो हेरोइन (करीब 70 करोड़ रुपए कीमत) के मामले में भी सामने आया था।इसके बाद हाल ही में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप बरामद होने के मामले में भी उसे आरोपी बनाया गया।राकेश की गिरफ्तारी से सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलरों और भारत में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।जांच एजेंसियां अब उसके आर्थिक स्रोत,संपत्तियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पड़ताल कर रही हैं।