तहलका न्यूज,बीकानेर।निकाय चुनाव में जैसे जैसे नामांकन की तिथि नजदीक आ रही है। वैसे वैसे दोनों ही राजनीतिक दल प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया में लग गई है।दोनों ही प्रमुख पार्टियां कांग्रेस-भाजपा जीताऊ उम्मीदवारों की खोज कर रही है तो आम आदमी पार्टी व माकपा इन दोनों की टिकट से महरूम आवेदकों का इंतजार कर रही है।भाजपा में जहां आवेदन की अधिकता चयन प्रक्रिया में रोड़ा बन रही है।वहीं कांग्रेस में महापौर के सशक्त दावेदारों का लेकर आमजन मंथन कर रहा है।लेकिन उन्हें ऐसा चेहरा नजर नहीं आ रहा है।जो भाजपा के चेहरों जैसा हो।कांग्रेस के सूत्रों की बात करें तो कांग्रेस में भी महापौर के दावेदारों को लेकर होड़ की स्थिति है।जहां अल्पसंख्यक समाज एक बार फिर महापौर पद पर अपना दावा मजबूती से रख रहा है।तो सामान्य वर्ग के दावेदार भी इस बात को लेकर अड़े है कि जब सीट सामान्य की है तो महापौर भी सामान्य वर्ग से होना चाहिए। ऐसे में विकल्पों की तलाश में जुट गई है।
कांग्रेस इन पर खेल सकती है दांव
अंदरखाने की बात यह है कि कांग्रेस में पांच सौ से ज्यादा आवेदन अभी तक प्राप्त हुए है।इनमें ऐसे कई चेहरे है,जो पूर्व में पार्षद रह चुके है तो कई पार्टी के महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके है।कांग्रेस में महापौर के दावेदार के प्रमुख चेहरों की सीट आरक्षित होने के बाद वे दूसरे वार्डों से अपनी दावेदारी जताकर महापौर बनने का सपना सजो रहे है।सूत्रों की माने तो कांग्रेस में महापौर के प्रमुख दावेदारों में बाबू जयशंकर जोशी अगर चुनाव लड़ते है तो वे प्रमुख चेहरा है।ऐसा नहीं होता है तो वे अपनी पुत्री सविता जोशी को महापौर के रूप में पेश कर सकते है।जो वार्ड 47 से चुनाव मैदान में उतर सकती है।इसके अलावा पूर्व पार्षद धर्मवीर नाहटा वार्ड 75 से चुनावी रण में उतरकर महापौर का दावा ठोक सकते है।इतना ही नहीं पूर्व महापौर मकसूद अहमद,पूर्व उपमहापौर हारून राठौड़,पूर्व पार्षद मनीष पुरोहित नटसा,दिलीप बांठिया,आनंद सिंह सोढ़ा,अरविन्द मिढ्ढा तथा नवरतन डागा भी महापौर के प्रमुख चेहरों में माने जा रहे है। ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी की कांग्रेस आखिर दावं किस पर खेलती है।
हर वार्ड से तीन नाम भेजे जाएंगे,फिर होगा अंतिम फैसला
कांग्रेस ने टिकट चयन की प्रक्रिया पहले से तय कर रखी है।सभी आवेदन जिला कांग्रेस कमेटी के स्तर पर जांचे जाएंगे। इसके बाद हर वार्ड से तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा।प्रदेश स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति इन नामों पर चर्चा करेगी और सभी पहलुओं को देखने के बाद एक नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा।यानी अंतिम टिकट का फैसला प्रदेश स्तर पर होगा। पार्टी का मानना है कि इस प्रक्रिया से हर दावेदार को समान अवसर मिलेगा और योग्य उम्मीदवार का चयन किया जा सकेगा।
पहली लिस्ट संभवत 27 को
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट 27 अगस्त को जारी कर सकती है।जिसमें बिना विवाद के नाम शामिल हो सकते है।ऐसे करीब एक दर्जन नामों पर चर्चा भी हो गर्ई है।जिसके उपरान्त प्रदेश स्तर पर इस सूची को कल भेजकर गुरूवार को घोषित करवाया जा सकता है। अगर गुरूवार को पहली लिस्ट नहीं आई तो 28 को कांग्रेस अपनी पहली लिस्ट निश्चित रूप से जारी कर देगी।इसके साथ इसी दिन भाजपा के कई नामों की घोषणा हो सकती है।
